वाराणसी यूपी कॉलेज में छात्र हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुक्रवार 20 मार्च 2026 को उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) के कैंपस में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी बीए छात्र मंजीत चौहान ने पुरानी रंजिश और छोटे-मोटे विवाद को लेकर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग की। घटना में सूर्य प्रताप को सीने और सिर में कुल 8 गोलियां लगीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह वारदात दिनदहाड़े हुई, जिसने पूरे वाराणसी को हिला कर रख दिया।
विवाद की शुरुआत: शर्ट की बांह मोड़ने से भड़का आग
सूत्रों के अनुसार, सूर्य प्रताप सिंह और मंजीत चौहान के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। दो बार मंजीत की पिटाई हो चुकी थी, जिसमें सूर्य प्रताप भारी पड़ा था। शिवपुर थाने में मारपीट का केस भी दर्ज है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सूर्य प्रताप ने मंजीत को देखा और कहा, “शर्ट की बांह मोड़कर आए हो…” मंजीत ने घूरकर जवाब दिया। इसके बाद मंजीत प्राचार्य से मिला और बाहर निकला।
सूर्य प्रताप कक्षा नंबर 8 में अपने दोस्तों के साथ वायबा असाइनमेंट जमा कर रहा था। तभी मंजीत पिस्टल लेकर पहुंचा और सूर्य को दौड़ा लिया। संकाय गेट पर पहुंचते ही उसने सीने में गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पिस्टल फंसने पर मंजीत ने उसे दोबारा लोड किया और सूर्य के सीने पर चढ़कर और गोलियां मारीं। वीडियो में यह क्रूरता साफ दिख रही है।
पुरानी रंजिश और पिटाई का बदला
मंजीत पर सूर्य प्रताप हमेशा भारी रहा था। हॉस्टल में सूर्य की अच्छी पैठ थी, जबकि मंजीत बाहर के लड़कों के साथ कैंपस में आता-जाता था। दो बार पिटाई से आहत मंजीत ने बदला लेने की ठान ली। पुलिस पूछताछ में मंजीत ने बताया कि पिस्टल भदोही से खरीदी थी। वह खुद को माफिया बताता था और मर्डर का इरादा लेकर आया था।
घटना के बाद कैंपस में बवाल और पुलिस कार्रवाई
हत्या के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैला। उन्होंने कॉलेज गेट बंद कर तोड़फोड़ की, एक टीचर घायल हो गया। पुलिस ने
कैंपस खाली कराया और भारी बल तैनात किया। मुख्य आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उसके साथी अनुज ठाकुर पर भी मुकदमा दर्ज है।
पुलिस जांच में पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई सामने आई है।
शिक्षा के मंदिर में हिंसा: समाज पर सवाल
वाराणसी जैसे शिक्षा केंद्र में दिनदहाड़े ऐसी वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर
सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में हथियार कैसे पहुंचा?
छात्रों के बीच छोटे विवाद इतने खतरनाक क्यों बन जाते हैं? यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए दुखद है बल्कि
पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
यह हत्याकांड यूपी में बढ़ती छात्र हिंसा की ओर इशारा करता है।
सूर्य प्रताप सिंह के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए।
ऐसे मामलों में कॉलेज प्रशासन और पुलिस को पहले से सतर्क रहना होगा।


