वाराणसी जिले में हड़कंप मच गया जब जिला जज संजीव शुक्ला के आधिकारिक ई-मेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली। गुरुवार रात करीब 1:30 बजे (13 फरवरी 2026 की शुरुआत) यह धमकी भरा मैसेज प्राप्त हुआ, जिसके बाद शुक्रवार सुबह पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बार पदाधिकारियों ने तुरंत बैठक की और सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी को एहतियातन खाली करा लिया गया। पुलिस फोर्स, बम डिस्पोजल स्क्वायड और एंटी-सबोटाज टीम ने मौके पर पहुंचकर चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी शुरू की। दोपहर तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन जांच जारी है।
धमकी मिलने के बाद की कार्रवाई
जिला जज संजीव शुक्ला ने धमकी की जानकारी सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम को दी। उन्होंने बताया कि ई-मेल में कचहरी परिसर में बम धमाका करने की स्पष्ट चेतावनी थी। आनन-फानन में सभी वकील, कर्मचारी और अन्य लोगों को बाहर निकाला गया। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार और कैंट थाना प्रभारी शिवकांत मिश्रा के नेतृत्व में 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हुए। बम स्क्वायड ने पूरे परिसर की जांच की, जिसमें चैंबर, कोर्ट रूम, वॉशरूम और अन्य संवेदनशील जगहें शामिल थीं। वकीलों ने भी अपने चैंबरों की खुद जांच की और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना देने का आह्वान किया।
साइबर सेल जांच में जुटी, ई-मेल का स्रोत ट्रेस करने की कोशिश
धमकी अज्ञात ई-मेल आईडी से आई है। साइबर सेल की टीम ई-मेल ट्रेल की जांच कर रही है ताकि भेजने वाले की पहचान हो सके। यह घटना ऐसे समय हुई है जब देशभर में कई कोर्ट्स और संस्थानों को इसी तरह की होक्स धमकियां मिल रही हैं। वाराणसी कचहरी पहले भी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर चुकी है, इसलिए पुलिस ने अलर्ट मोड पर काम किया। जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन यह धमकी गंभीर अपराध मानी जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
बार एसोसिएशन और प्रशासन की प्रतिक्रिया
सेंट्रल बार अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। वकीलों ने सहयोग किया और परिसर खाली कराने में मदद की। जिला जज ने सुरक्षा कारणों से कामकाज प्रभावित होने पर खेद जताया, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। यह घटना न्याय व्यवस्था पर हमले की कोशिश लगती है, जिससे कानूनी समुदाय में चिंता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे होक्स कॉल्स या ई-मेल से न्यायिक प्रक्रिया बाधित होती है और संसाधनों का दुरुपयोग होता है।
वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
वाराणसी पुलिस ने पूरे परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है।
आने वाले दिनों में कोर्ट परिसर में अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी।
साइबर क्राइम यूनिट ई-मेल के आईपी एड्रेस और अन्य डिटेल्स ट्रेस कर रही है।
यदि यह होक्स साबित होता है, तो भेजने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यह घटना वाराणसी में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां धार्मिक और
ऐतिहासिक महत्व के कारण सुरक्षा हमेशा हाई अलर्ट पर रहती है।
प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है।
जांच पूरी होने तक अपडेट्स जारी रहेंगे।

