उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र इन दिनों जोरों पर चल रहा है। 2026-27 का बजट ₹9.12 लाख करोड़ से अधिक का प्रस्तुत किया गया है, जो पिछले साल से करीब 13% ज्यादा है। इस सत्र में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जहां विपक्ष सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है, वहीं सत्ता पक्ष मजबूत जवाब दे रहा है। आज की कार्यवाही में सबसे ज्यादा चर्चा यूपी के औद्योगिक विकास और निवेश पर हुई।
औद्योगिक मंत्री का विपक्ष पर तगड़ा जवाब
विधानसभा में विपक्ष के सवालों और आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा, “कथनी और करनी एक होने से निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना यूपी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि योगी सरकार की ‘इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर फर्स्ट’ नीति ने राज्य को बदल दिया है। पहले जहां माफिया और अपराध का बोलबाला था, अब कानून-व्यवस्था मजबूत होने से बड़े-बड़े निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
मंत्री ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (GIS) का जिक्र करते हुए बताया कि MoUs के जरिए लाखों करोड़ का निवेश आया है, जिसमें से कई प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतर चुके हैं। इससे लाखों रोजगार सृजित हो रहे हैं। यूपी अब इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, MSME और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में लीडर बन रहा है।
बजट सत्र की प्रमुख हाइलाइट्स और कार्यवाही
बजट सत्र की शुरुआत से ही सरकार विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस कर रही है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कैपिटल एक्सपेंडिचर को 19.5% रखा है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के लिए बड़ा बूस्ट है। नई स्कीम्स के लिए ₹43,565 करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया गया है।
- औद्योगिक विकास पर जोर: सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन के लिए ₹550 करोड़, नए इंडस्ट्रियल एरिया प्रमोशन के लिए अलग प्रावधान।
- MSME और युवा उद्यमी: MSME बजट में 19% बढ़ोतरी, हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य।
- एआई और टेक्नोलॉजी: UP-AIM के लिए ₹225 करोड़, स्टार्टअप रैंकिंग में यूपी ‘लीडर कैटेगरी’ में।
- कैपिटल एक्सपेंडिचर: ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा, जो रोड्स, एनर्जी, अर्बन डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा।
विपक्ष ने बजट में कुछ कमियों का आरोप लगाया, लेकिन सरकार ने इसे खारिज करते हुए कहा कि
यूपी अब ‘उत्सव प्रदेश’ बन गया है, जहां विकास और सुरक्षा दोनों मजबूत हैं।
क्यों बना यूपी निवेशकों का फेवरेट?
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और
कनेक्टिविटी ने यूपी को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है। FDI प्रपोजल्स ₹20,000 करोड़ से ज्यादा आए हैं।
राज्य की GSDP ग्रोथ 13% से ऊपर है, और पेर
कैपिटा इनकम बढ़कर ₹1.2 लाख के आसपास पहुंच गई है।
औद्योगिक मंत्री के बयान से साफ है कि सरकार कथनी-करनी में अंतर नहीं रखती।
यह बजट सत्र 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की मजबूती दिखा रहा है।
विकास की नई गाथा
यूपी बजट सत्र में आज की कार्यवाही ने एक बार फिर साबित किया कि योगी सरकार निवेश, रोजगार और
इंफ्रास्ट्रक्चर पर फुल फोकस्ड है। विपक्ष के घेराव के बावजूद सत्ता पक्ष तैयार नजर आ रहा है।
आने वाले दिनों में और भी डिबेट्स और अपडेट्स देखने को मिलेंगे।
यूपी अब भारत का प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है, और यह सफर जारी रहेगा।


