UP: जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ा बेटा, फर्श और दीवारें खून से लाल; सबूत मिटाने को ‘कातिल’ ने किया ये काम

फिरोजाबाद में क्रूर पिता ने फिरोजाबाद में क्रूर पिता ने

फिरोजाबाद में दिल दहला देने वाली घटना

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक ऐसी क्रूर घटना घटी है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता ने अपने ही 8 साल के मासूम बेटे को तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया। बच्चा जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ता रहा, लेकिन क्रूर पिता के हाथों उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर फर्श और दीवारें खून की छींटों से लाल हो गईं। आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए सफाई का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने मौके से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना परिवारिक विवाद और क्रोध की चरम सीमा को दर्शाती है।

घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ उस रात?

फिरोजाबाद के जसराना थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले आरोपी (नाम पुलिस जांच में छिपाया गया है) ने रविवार रात अपने 8 साल के बेटे पर अचानक हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब के नशे में था और छोटी-सी बात पर गुस्सा आ गया। बच्चे ने डर के मारे चीखते हुए पूरे घर में भागना शुरू किया। वह कमरे से कमरे, आंगन से दरवाजे तक दौड़ता रहा और पिता से बचने की कोशिश करता रहा। लेकिन क्रूर पिता ने उसे पकड़ लिया और लाठी-डंडे से पीट-पीटकर मार डाला।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई गंभीर चोटें सामने आई हैं। बच्चे के सिर, छाती और पीठ पर गहरे घाव थे। घटनास्थल पर खून की छींटें दीवारों तक पहुंची हुई थीं, जो बताती हैं कि बच्चा कितनी दूर तक भागा और कितनी बेरहमी से मारा गया।

सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने फर्श और दीवारों पर लगे खून को पोछने की कोशिश की, कपड़े और पानी से सफाई की। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में खून होने के कारण पूरी सफाई नहीं हो पाई। पड़ोसियों को चीख-पुकार सुनाई दी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी अभी भी घर में मौजूद था। मौके से ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस जांच और आरोप

जसराना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 323 (मारपीट) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में परिवारिक विवाद और शराब का सेवन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। आरोपी ने शुरुआत में कुछ और दावा किया, लेकिन घटनास्थल के सबूत और पड़ोसियों के बयानों से हत्या साबित हो गई। बच्चे की मां ने भी पुलिस को बताया कि आरोपी अक्सर नशे में घर में मारपीट करता था।

सामाजिक प्रभाव और सवाल

यह घटना उत्तर प्रदेश में बच्चों के खिलाफ घरेलू हिंसा और क्रोध के बढ़ते मामलों को उजागर करती है।

समाज में शराब, पारिवारिक तनाव और क्रोध नियंत्रण की कमी से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

बच्चे जो मासूम होते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत होती है,

लेकिन कई बार घर ही असुरक्षित जगह बन जाता है।

स्थानीय लोग इस घटना से सदमे में हैं। कई संगठन और सामाजिक

कार्यकर्ता बच्चे की मौत पर शोक जता रहे हैं और

आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।

मासूम की मौत पर सख्त कार्रवाई जरूरी

फिरोजाबाद की इस क्रूर घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। 8 साल के बच्चे की जान बचाने की

कोशिश और खून से लाल घर की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन समाज को सोचने की जरूरत है कि

ऐसे क्रूर पिता को सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और मासूम ऐसी मौत न झेले।

बच्चे की आत्मा को शांति और परिवार को न्याय मिले, यही कामना है।

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