महाराजगंज जिले के सोहगीबरवा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। 9 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को लकड़ी बिनने जंगल गई 15 वर्षीय किशोरी का क्षत-विक्षत शव रविवार सुबह जंगल के एक सुनसान इलाके में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण
सोहगीबरवा निवासी किशोरी अपनी बड़ी बहन के साथ शुक्रवार शाम करीब 3 बजे गांव के पास स्थित जंगल में लकड़ी बिनने गई थी। दोनों बहनें रोजाना की तरह लकड़ी इकट्ठा कर घर लौटने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन अचानक छोटी बहन लापता हो गई। बड़ी बहन ने काफी देर तक उसे ढूंढा, लेकिन कहीं नहीं मिली। शाम को अकेले घर लौट आई और परिवार को बताया कि छोटी बहन जंगल में गायब हो गई है।
परिवार ने तुरंत गांव वालों को सूचना दी और स्थानीय पुलिस को भी खबर की। शुक्रवार रात और शनिवार पूरे दिन ग्रामीणों और पुलिस की टीम ने जंगल के आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह करीब 7 बजे एक ग्रामीण ने जंगल के गहरे हिस्से में क्षत-विक्षत शव देखा और तुरंत सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान सोहगीबरवा की ही 15 वर्षीय किशोरी के रूप में हुई। शव पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जांच और प्रारंभिक जानकारी
महाराजगंज पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हो रही है। शव पर चाकू या तेज धार वाले हथियार से हमले के निशान मिले हैं। पुलिस ने निम्नलिखित दिशाओं में जांच शुरू की है:
- जंगल में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश
- किशोरी के परिवार से पूछताछ
- आसपास के गांवों में CCTV और मोबाइल लोकेशन की जांच
- संभावित गवाहों से बयान दर्ज करना
- जंगल के आसपास बने अवैध शराब ठिकानों और अन्य गतिविधियों की पड़ताल
पुलिस ने बताया कि यह मामला IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत दर्ज किया गया है।
गांव में शोक और आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही सोहगीबरवा और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई और दोषी को जल्द सजा देने की मांग की है। कई महिलाओं ने कहा कि जंगल में लकड़ी बिनने जाने वाली लड़कियां पहले से
असुरक्षित महसूस करती हैं। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में
महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
परिवार का दर्द
किशोरी के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरी बेटी सिर्फ लकड़ी लाने गई थी,
वो कभी वापस नहीं लौटी। जो भी दोषी है,
उसे फांसी दी जाए। हम गरीब लोग हैं, हमारी आवाज कौन सुनेगा?”
निष्कर्ष
महाराजगंज के सोहगीबरवा में किशोरी की क्रूर हत्या ने पूरे पूर्वांचल को झकझोर दिया है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषी को पकड़ लिया जाएगा।
लेकिन इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा,
जंगल क्षेत्रों में निगरानी और सामाजिक जागरूकता की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है

