UP: शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या, 2007 बसपा चुनाव से जुड़ा पुराना राज? मुख्तार अंसारी के करीबी का कत्ल

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घटना का विवरण: दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल हत्या

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 13 फरवरी 2026 को एक सनसनीखेज वारदात हुई। कभी मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े और अब वकालत कर रहे शोएब किदवई उर्फ बॉबी (51) को लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर असैनी मोड़ के पास बाइक सवार दो हेलमेटधारी हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर मार गिराया। घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब शोएब अपनी कार से लखनऊ से बाराबंकी लौट रहे थे। हमलावरों ने कार को रोककर 10-15 राउंड फायरिंग की, जिसमें शोएब को 4 गोलियां लगीं – जबड़े, दाएं हाथ, सीने और पैर में। हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल पर 15 राउंड खोल बरामद किए। शोएब का पोस्टमॉर्टम शाम को हुआ और अंतिम संस्कार आज होना है। उनकी पत्नी शाजिया ने FIR दर्ज कराई है।

शोएब किदवई की बैकग्राउंड: मुख्तार अंसारी का करीबी शूटर

शोएब किदवई उर्फ बॉबी बाराबंकी के सिविल लाइंस निवासी थे। पुलिस के अनुसार, उनकी हिस्ट्रीशीट 11 फरवरी 2008 को नगर कोतवाली में खोली गई थी। उन पर हत्या, एक्सटॉर्शन और गैंगस्टर एक्ट सहित 12 मामले दर्ज हैं, जिसमें 2 हत्या के केस शामिल हैं। वह मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर माना जाता था। 4 फरवरी 1999 को लखनऊ में जेल सुपरिंटेंडेंट रमाकांत तिवारी हत्याकांड में उनका नाम आरोपी के रूप में आया था। मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गैंग में वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी रंजिशें चल रही थीं, जो इस हत्या का कारण हो सकती हैं। शोएब ने बाद में वकालत शुरू की और बाराबंकी में प्रैक्टिस करते थे।

2007 बसपा चुनाव: जूनियर ब्लॉक प्रमुख पद के लिए उम्मीदवारी

सवाल उठ रहा है कि क्या 2007 में बसपा से जूनियर ब्लॉक प्रमुख (पूर्व बंकी ब्लॉक प्रमुख) पद के लिए चुनाव लड़ना इस हत्या से जुड़ा है? रिपोर्ट्स के अनुसार, शोएब ने 2007 में बसपा टिकट पर यह चुनाव लड़ा था। उस समय मुख्तार अंसारी बसपा से जुड़े थे और 2007 विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र जीते थे। शोएब की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और मुख्तार गैंग से कनेक्शन ने उन्हें चर्चित बनाया।

चुनाव हारने के बाद भी उनका आपराधिक रिकॉर्ड जारी रहा।

पुलिस जांच में यह पुराना राजनीतिक-आपराधिक कनेक्शन भी देखा जा रहा है।

जांच और पुलिस एक्शन

बाराबंकी एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने 5 टीमों का गठन किया है।

लखनऊ STF ने जांच संभाली है और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वकीलों में रोष है,

क्योंकि शोएब अधिवक्ता थे और बार एसोसिएशन ने विरोध जताया है।

पुलिस गैंग वॉर, पुरानी रंजिश या राजनीतिक दुश्मनी को एंगल मान रही है।

मुख्तार अंसारी गैंग के भीतर चल रही आपसी लड़ाई इस हत्या का मुख्य कारण लग रही है।

यूपी क्राइम में बढ़ता खतरा

यह घटना यूपी में माफिया और गैंगस्टरों के बीच जारी संघर्ष को दर्शाती है।

मुख्तार अंसारी जैसे बड़े नामों के सहयोगियों पर हमले बढ़े हैं। पुलिस का दावा है कि

अपराधियों पर सख्ती जारी रहेगी। बाराबंकी में सुरक्षा बढ़ाई गई है।

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