गोरखपुर/देवरिया: उत्तर प्रदेश की देवरिया जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक बिगड़ गई। हृदय संबंधी शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पहले देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। प्राथमिक जांच में स्थिति गंभीर पाए जाने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
घटना का पूरा विवरण
सूत्रों के अनुसार, 6 जनवरी 2026 की रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच अमिताभ ठाकुर को सीने में दर्द और हृदय संबंधी परेशानी महसूस हुई। जेल में मौजूद डॉक्टरों को जैसे ही जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल उनकी जांच शुरू की। ब्लड प्रेशर और अन्य पैरामीटर्स असामान्य पाए गए, जिसके बाद डॉक्टरों ने कोई जोखिम न लेते हुए उन्हें जेल से बाहर मेडिकल कॉलेज भेजने का फैसला लिया।
सबसे पहले उन्हें देवरिया स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इमरजेंसी विभाग में प्राथमिक जांच और इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों की टीम ने ईसीजी और अन्य जरूरी टेस्ट किए। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह पर उन्हें तुरंत गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया, जो हृदय रोग के बेहतर उपचार के लिए जाना जाता है।
बुधवार सुबह तक अमिताभ ठाकुर BRD मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और जरूरी जांचें चल रही हैं। फिलहाल उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
अमिताभ ठाकुर की पृष्ठभूमि और जेल में बंदी
अमिताभ ठाकुर एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी हैं, जो अपनी बेबाकी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने योगी सरकार के कई फैसलों और अधिकारियों पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उन पर कई मामले दर्ज हुए। वर्तमान में वे भूमि हड़पने और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में देवरिया जेल में बंद हैं।
उनकी पत्नी नूतन ठाकुर भी सामाजिक कार्यकर्ता हैं
और अक्सर उनके लिए न्याय की मांग करती रहती हैं।
जेल में बंदी के दौरान उनकी सेहत को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है।
ठाकुर ने कई बार जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे,
लेकिन इस बार जेल अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की, जिसकी सराहना हो रही है।
जेल प्रशासन का बयान
देवरिया जेल अधीक्षक ने बताया कि जैसे ही कैदी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली,
प्रोटोकॉल के तहत तुरंत मेडिकल मदद मुहैया कराई गई।
जेल डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया और बाहर के अस्पताल में रेफर किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कैदी की सेहत जेल प्रशासन की प्राथमिकता है और कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे “
जेल में बदतर हालात” का नतीजा बताया, जबकि सत्ताधारी पक्ष ने जेल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की तारीफ की।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमिताभ ठाकुर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।


