उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों और पंचायतों पर विशेष ध्यान दिया है। पंचायती राज विभाग के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक बजट का प्रावधान किया गया है। कुल 32,090 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित की गई है। यह बजट त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण विकास को मजबूत करने और युवाओं को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में बजट भाषण के दौरान इन घोषणाओं को साझा किया।
बजट में पंचायती राज विभाग की बड़ी बढ़ोतरी
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में पंचायती राज विभाग का बजट 67 प्रतिशत बढ़ाकर 32,090 करोड़ रुपये किया गया है। यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए की गई है। सरकार का फोकस ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को तेज करने पर है। इससे गांवों में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।
डिजिटल लाइब्रेरी: आधुनिक पढ़ाई का नया माध्यम
बजट की प्रमुख घोषणाओं में ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का प्रावधान शामिल है। इसके लिए 454 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ये डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेंगी। इंटरनेट, कंप्यूटर और ई-बुक्स से लैस ये लाइब्रेरी गांवों में कोचिंग सेंटरों पर निर्भरता कम करेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर ऊंचा हो और युवा बिना शहर जाएं बेहतर तैयारी कर सकें।
अन्य प्रमुख योजनाएं और प्रावधान
बजट में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों में पंचायत उत्सव भवन/बारात घर निर्माण योजना के लिए 100 करोड़ रुपये।
- 1000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपये।
- ग्रामीण स्टेडियम और ओपन जिम के लिए 130 करोड़ रुपये।
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वितीय चरण के लिए 2823 करोड़ रुपये।
ये योजनाएं सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देंगी। उत्सव भवन से शादियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी, जिससे लोगों को शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
ग्रामीण विकास को नई गति
यह बजट ग्रामीण उत्तर प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। पंचायत चुनाव से पहले की गई ये घोषणाएं ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को मजबूत बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को तेज करेंगी। डिजिटल लाइब्रेरी से शिक्षा क्रांति आएगी, जबकि उत्सव भवन और बहुउद्देशीय भवन सामाजिक एकता बढ़ाएंगे। योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में पंचायती राज विभाग को मिली 67 प्रतिशत बढ़ोतरी
ग्रामीण भारत के विकास की नई कहानी लिखेगी। डिजिटल लाइब्रेरी जैसी
आधुनिक योजनाएं युवाओं के भविष्य को संवारेंगी, जबकि अन्य प्रावधान
सामाजिक-आर्थिक मजबूती लाएंगे। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगी।
आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से गांवों की तस्वीर बदलेगी।
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