योगी सरकार का दसवां और सबसे बड़ा बजट
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 11 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह रिकॉर्ड बजट सदन में रखा। यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, जो 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पेश किया गया। राज्य का GSDP 13.4% बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। बजट में निवेश, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचा और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। “सबका साथ, सबका विकास” की भावना से तैयार यह बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों को साधने की मजबूत कोशिश दिखाता है।
बजट का आकार और मुख्य फोकस क्षेत्र
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में कहा कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार में अभूतपूर्व प्रगति की है। बजट में पूंजीगत व्यय पर भारी जोर है, जो राज्य के विकास को नई गति देगा। मुख्य फोकस क्षेत्र:
- रोजगार सृजन: 10 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य। स्किल डेवलपमेंट, मेगा जॉब फेयर और इंडस्ट्री लिंकेज पर विशेष प्रावधान।
- महिला सशक्तिकरण: लड़कियों की शादी में 1 लाख रुपये की सहायता (मुख्यमंत्री समूहिक विवाह योजना के तहत विस्तार)। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा, महिला उद्यमिता और शिक्षा पर फोकस।
- किसान और ग्रामीण विकास: कृषि, सिंचाई, फसल बीमा और ODOP योजना को मजबूत करने के लिए आवंटन।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रेल और शहरी विकास पर भारी निवेश। बजट पिछड़े क्षेत्रों जैसे पूर्वांचल और बुंदेलखंड को प्राथमिकता देता है, जिससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी।
युवाओं और महिलाओं को साधने के बड़े ऐलान
योगी सरकार ने युवाओं को आकर्षित करने के लिए 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है। इसमें स्किल ट्रेनिंग, जॉब फेयर और युवा सशक्तिकरण योजनाएं शामिल हैं। लड़कियों की शादी में 1 लाख रुपये की सहायता गरीब परिवारों की बेटियों के लिए बड़ी राहत है। यह योजना पहले से चल रही है, लेकिन बजट में इसे और मजबूत किया गया है।
महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार और शिक्षा पर विशेष प्रावधान हैं।
ये ऐलान चुनावी साल में युवा और महिला वोटरों को साधने की रणनीति दिखाते हैं।
अन्य प्रमुख हाइलाइट्स और विकास योजनाएं
- शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के लिए बढ़ा आवंटन।
- कृषि और किसान: सिंचाई, बाजार सुविधाएं और फसल सुरक्षा।
- पर्यटन और संस्कृति: अयोध्या, वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों का विकास।
- औद्योगिक निवेश: MSME और बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन। वित्त मंत्री ने कहा कि
- बजट राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देगा।
चुनावी बजट या विकास का रोडमैप?
यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन है, जिसमें रोजगार और महिला कल्याण पर जोर देकर
युवाओं को साधने की कोशिश की गई है। 9.12 लाख करोड़ का
यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा
। विपक्ष इसे चुनावी बजट कह सकता है, लेकिन सरकार का दावा है कि
यह सबका विकास सुनिश्चित करेगा। UP अब तेजी से $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।

