यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी का दावा – पिछली सरकारों में ठेके पर नकल, योगी सरकार में अब कोई सोच भी नहीं सकता

यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा

यूपी बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के साथ मंत्री का दौरा

18 फरवरी 2026 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कुल 53.37 लाख से अधिक छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, जिसमें 27.61 लाख हाईस्कूल और 25.76 लाख इंटर छात्र हैं। परीक्षाएं 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने छात्रों को मिठाई बांटी, चंदन तिलक लगाया और शुभकामनाएं दीं।

मंत्री का मुख्य बयान: नकल पर सख्त रुख

परीक्षा केंद्र पर मीडिया से बातचीत में गुलाब देवी ने कहा, “पिछली सरकारों में ठेके पर नकल होती थी, लेकिन योगी सरकार में अब कोई सोच भी नहीं सकता।” उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने परीक्षाओं को पूरी तरह नकल मुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 के तहत नकल करने या करवाने वालों पर आजीवन कारावास और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। गंभीर मामलों में NSA भी लगाई जा सकती है। मंत्री ने कहा कि नकल माफियाओं को अब कोई राहत नहीं मिलेगी।

परीक्षा व्यवस्था में सख्ती और नई व्यवस्थाएं

इस साल परीक्षाएं 8033 केंद्रों पर हो रही हैं, जिसमें CCTV कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग की जा रही है। कक्ष निरीक्षकों के आई-कार्ड पर QR कोड लगाए गए हैं, जिससे उनकी पहचान और जिम्मेदारी तय होती है। मोबाइल, स्मार्टवॉच जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे तनाव मुक्त होकर परीक्षा दें और ईमानदारी से सफलता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य निष्पक्ष, पारदर्शी और नकल मुक्त परीक्षाएं कराना है।

योगी सरकार की उपलब्धियां और पिछली तुलना

गुलाब देवी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नकल को ठेके पर दिया जाता था, लेकिन अब व्यवस्था इतनी मजबूत है कि नकल की कल्पना भी नहीं की जा सकती। योगी सरकार ने शिक्षा में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे बेहतर मॉनिटरिंग, सख्त कानून और छात्र-केंद्रित नीतियां। परीक्षाओं के पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा हुई, और रिपोर्ट्स के अनुसार व्यवस्था सुचारू रही।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

छात्रों को एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी साथ रखना अनिवार्य है। परीक्षा दो पालियों में होती है –

पहली सुबह 8:30 से दोपहर 11:45 तक और दूसरी दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 तक। कोई भी गैजेट या

नोट्स ले जाना प्रतिबंधित है। मंत्री ने छात्रों को प्रेरित किया कि मेहनत और ईमानदारी से ही सफलता मिलती है।

नकल मुक्त शिक्षा की दिशा में मजबूत कदम

गुलाब देवी का यह दौरा और बयान यूपी बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता का संदेश देता है।

योगी सरकार की सख्त नीतियों से छात्रों में विश्वास बढ़ा है।

अब देखना यह है कि परीक्षाएं कितनी सफलतापूर्वक नकल मुक्त संपन्न होती हैं।

लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी यह परीक्षा उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की साख है। शुभकामनाएं सभी परीक्षार्थियों को!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *