ई-रिक्शा फाइनेंस में कथित घोटाले पर यूनियन का आक्रोश, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

भारतीय भवन निर्माण व अन्य मजदूर यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आज पुर्दिलपुर गोलघर स्थित यूनियन कार्यालय में प्रदेश महासचिव ईश्वरचन्द निषाद के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। बैठक में ई-रिक्शा फाइनेंस में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव ईश्वरचन्द निषाद ने प्रदेश सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने अपने व्यक्तिगत मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने 6 मार्च 2025 को हनुमंत इंटरप्राइजेज, नौसड़ (गोरखपुर) के माध्यम से ई-रिक्शा फाइनेंस कराया था, जिसमें अतिरिक्त ₹12,000 वसूले गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा दिए गए कोटेशन में बीमा और आरटीओ शुल्क के नाम पर ₹14,000-₹14,000 जोड़े गए, जबकि बीमा की वास्तविक रसीद मात्र ₹8,214 की दी गई। साथ ही, शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद—जिनके अनुसार 14 अक्टूबर 2022 से 13 अक्टूबर 2027 तक पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स से छूट है—एजेंसी ने ₹14,000 रोड टैक्स के नाम पर वसूल लिए।

निषाद ने बताया कि इस संबंध में 28 मई, 2025 को सभी उच्चाधिकारियों एवं शासन को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन लगभग 11 माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

साथ ही यह आरोप भी लगाया कि जांच के दौरान आरटीओ गीडा और एजेंसी के बीच मिलीभगत कर मामले को दबाने की कोशिश की गई और जिलाधिकारी को भ्रामक रिपोर्ट सौंपी गई।

मंडल महासचिव रियाज अहमद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यूनियन के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।

वहीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे उमाशंकर सिंह ने कहा कि यदि संबंधित एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

बैठक में भुआल प्रसाद, महादेव, संतोष प्रजापति, महेंद्र गौड़, रामनाथ, रविंद्र यादव, राकेश, ओबैदुर्रहमान, रामजी चौहान, कंचन चौहान, इसरावती मौर्या, रेखा गुप्ता, निर्मला पांडेय सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

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