Union Budget 2026: विकसित भारत के सफर की शुरुआत, वित्त मंत्री सीतारमण के इन 10 आंकड़ों पर रहेगी सबकी नजर

Union Budget 2026 से विकसित Union Budget 2026 से विकसित

बजट 2026: विकसित भारत के सफर की मजबूत शुरुआत की उम्मीद

1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट 2026-27 भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने अर्थव्यवस्था के 10 ऐसे आंकड़े हैं, जो बजट की दिशा तय करेंगे। भारत तेज विकास और कम महंगाई के संतुलित दौर में है, लेकिन कमजोर निजी निवेश, कर संग्रह पर दबाव, अधूरा विनिवेश लक्ष्य और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की सीमाएं सरकार के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। इन आंकड़ों पर नजर रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि ये आम आदमी के रोजगार, महंगाई और भविष्य के विकास को प्रभावित करेंगे।

बजट 2026 में इन 10 आंकड़ों पर रहेगी नजर

  1. जीडीपी ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी ग्रोथ 6.8-7% रहने का अनुमान है। बजट में 7.5%+ का लक्ष्य रखा जा सकता है।
  2. महंगाई (CPI) वर्तमान में CPI 4.5-5% के बीच है। बजट से 4% के आसपास स्थिरता की उम्मीद।
  3. निजी निवेश (Gross Fixed Capital Formation) निजी क्षेत्र का निवेश अभी भी कमजोर है (कुल GFCF का 35% से नीचे)। बजट में टैक्स छूट या PLI विस्तार से इसे बढ़ावा मिल सकता है।
  4. कर संग्रह (Net Tax Revenue) FY26 में टैक्स संग्रह लक्ष्य से 8-10% कम चल रहा है। बजट में नए टैक्स स्लैब या कॉर्पोरेट टैक्स कटौती की संभावना।
  5. विनिवेश लक्ष्य FY26 का विनिवेश लक्ष्य ₹51,000 करोड़ था, लेकिन अब तक केवल 20% हासिल हुआ। बजट में नया रोडमैप जरूरी।
  6. इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च (Capital Expenditure) केंद्र का कैपेक्स FY26 में ₹11 लाख करोड़ से अधिक है।
  7. बजट में इसे 12-13 लाख करोड़ तक बढ़ाने की उम्मीद।
  8. रोजगार और बेरोजगारी दर शहरी बेरोजगारी 7-8% के आसपास है।
  9. बजट में स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और MSME पर फोकस की मांग।
  10. फिस्कल डेफिसिट FY26 में 4.9% लक्ष्य है। बजट में इसे 4.5% या उससे कम करने की कोशिश हो सकती है।
  11. रेपो रेट और उधार लागत RBI ने रेपो रेट 6.5% पर रखा है।
  12. बजट में फिस्कल अनुशासन से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद।
  13. सामाजिक क्षेत्र खर्च शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर खर्च बढ़ाने की मांग।
  14. बजट में मनरेगा, आयुष्मान भारत और शिक्षा पर अतिरिक्त प्रावधान संभव।

चुनौतियां और उम्मीदें

कमजोर निजी निवेश और अधूरा विनिवेश लक्ष्य विकास की रफ्तार को धीमा कर रहे हैं। महंगाई नियंत्रण के

बावजूद खाद्य महंगाई और रोजगार की कमी मिडिल क्लास को परेशान कर रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर,

मैन्युफैक्चरिंग, स्किल और डिजिटल इकोनॉमी पर फोकस रहेगा।

साथ ही टैक्स राहत, EV सब्सिडी और MSME क्रेडिट की उम्मीद है।

बजट 2026 विकसित भारत@2047 के विजन को गति देने वाला होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन 10 आंकड़ों को

संतुलित करते हुए ऐसे प्रावधान करेंगी, जो अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दें। 1 फरवरी को बजट भाषण के साथ ही

इन आंकड़ों का असली प्रभाव साफ हो जाएगा। आम आदमी, निवेशक और उद्योग सभी की निगाहें उसी पर टिकी हैं।

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