UGC विवाद में निलंबित पीसीएस अफसर का नया कदम
उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए नियमों ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम, 2026’ के खिलाफ विरोध का सिलसिला जारी है। अब इस विवाद में एक नया नाम जुड़ गया है – निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री। बरेली से लखनऊ पहुंचे अलंकार ने बृहस्पतिवार सुबह अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा – “यूजीसी रोलबैक”। साथ ही उन्होंने एटा और हाथरस जिलों में जाने का एलान किया है। यह कदम सामान्य वर्ग के युवाओं और छात्रों के बीच चल रहे आंदोलन को नई ताकत दे रहा है।
अलंकार अग्निहोत्री कौन हैं और क्यों हुए निलंबित?
अलंकार अग्निहोत्री उत्तर प्रदेश की पीसीएस कैडर के अधिकारी हैं, जो सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व और UGC नियमों के विरोध में मुखर रहे हैं। कुछ महीने पहले उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर UGC नियमों को सामान्य वर्ग के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया था। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता मानकर उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद भी अलंकार ने अपना विरोध जारी रखा है और अब व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म से संदेश फैला रहे हैं।
व्हाट्सएप स्टेटस और एटा-हाथरस जाने का एलान
बृहस्पतिवार सुबह अलंकार ने व्हाट्सएप पर स्टेटस अपडेट किया: “यूजीसी रोलबैक एटा और हाथरस जा रहा हूं। सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ हूं। अन्याय नहीं सहेंगे।”
इसके बाद उन्होंने ग्रुप्स में मैसेज किया कि वे एटा और हाथरस में छात्रों, युवाओं और प्रभावित परिवारों से मिलेंगे। इन जिलों में UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन और याचिकाएं पहले से चल रही हैं। अलंकार का कहना है कि वे स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाएंगे और रोलबैक की मांग को मजबूत करेंगे।
UGC नए नियम क्या हैं जिनके खिलाफ इतना गुस्सा?
13 जनवरी 2026 को अधिसूचित UGC नियमों में मुख्य प्रावधान:
- हर उच्च शिक्षा संस्थान में इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर (EOC) अनिवार्य
- इक्विटी कमिटी में SC/ST/OBC/महिला/विकलांग प्रतिनिधित्व
- भेदभाव की व्यापक परिभाषा और 24 घंटे में शिकायत निपटान
- अनुपालन न करने पर फंडिंग रोक और मान्यता रद्द
विरोधियों का आरोप है कि ये नियम सामान्य वर्ग के खिलाफ हैं, दुरुपयोग का खतरा है और कमिटी में जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व न के बराबर है। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हो चुकी हैं और UGC मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन जारी हैं।
अलंकार अग्निहोत्री का विरोध क्यों महत्वपूर्ण?
एक निलंबित पीसीएस अधिकारी का इस तरह सक्रिय होना विवाद को नया मोड़ दे रहा है। अलंकार पहले भी सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। उनका एटा-हाथरास दौरा सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं को एकजुट करने की कोशिश माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके स्टेटस को हजारों शेयर किए जा रहे हैं और #UGCRollback, #AlankarAgnihotri जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
- समर्थक: “अलंकार सर जैसे अधिकारी चाहिए, जो अन्याय के खिलाफ खड़े हों”
- विरोधी: “निलंबित अधिकारी राजनीति कर रहे हैं”
- न्यूट्रल: “विरोध लोकतांत्रिक है, लेकिन हिंसा नहीं होनी चाहिए”
सरकार ने पहले ही कहा है कि नियमों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और फैक्ट शीट जारी होगी।
UGC रोलबैक की मांग तेज, अलंकार का दौरा निर्णायक
निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का व्हाट्सएप स्टेटस और एटा-हाथरस जाने का एलान
UGC नए नियमों के विरोध को नई गति दे रहा है। सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं में गुस्सा बढ़ रहा है।
क्या सरकार रोलबैक करेगी या नियमों में संशोधन करेगी?
यह सवाल सुप्रीम कोर्ट और राजनीतिक हलकों में गूंज रहा है।
अलंकार अग्निहोत्री का यह कदम विरोध को स्थानीय स्तर पर
मजबूत बनाने की कोशिश है। आने वाले दिनों में एटा और हाथरस से क्या अपडेट आते हैं,
यह UGC विवाद का अगला अध्याय तय करेगा।

