गोरखपुर: सड़क हादसों की बढ़ती संख्या के बीच एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चौरीचौरा क्षेत्र में स्थित एक ओवरब्रिज पर मंगलवार देर शाम बस की चपेट में आने से एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक पांच बहनों का इकलौता भाई था, जिससे उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के बाद ओवरब्रिज पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात काफी देर तक ठप रहा।
हादसे का पूरा विवरण
घटना 6 जनवरी 2026 की देर शाम करीब 7 बजे की है। चौरीचौरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक संकरे ओवरब्रिज पर बाइक सवार युवक (आयु लगभग 24 वर्ष) अपनी बाइक से जा रहा था। तभी विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार यात्री बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि युवक बाइक समेत दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश में लेन बदली, लेकिन संकरे ओवरब्रिज पर जगह न होने से हादसा हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़े, लेकिन युवक की सांसें पहले ही थम चुकी थीं।
यातायात रहा घंटों बाधित
ओवरब्रिज एक ही लेन का होने के कारण हादसे के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़े।
सूचना मिलते ही चौरीचौरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस और बाइक को हटवाया और यातायात बहाल कराया। घायल युवक को तुरंत एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चौरीचौरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मृतक की पहचान और परिवार की स्थिति
मृतक युवक की पहचान स्थानीय गांव के निवासी के रूप में हुई है (नाम गोपनीयता के लिए नहीं बताया जा रहा)।
वह परिवार में पांच बहनों का इकलौता भाई था और घर की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप और बहनें बदहवास होकर
अस्पताल पहुंचे और फूट-फूट कर रोने लगे। ग्रामीणों ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
पुलिस जांच और संभावित कारण
चौरीचौरा थाना प्रभारी ने बताया कि बस चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बस को जब्त कर लिया गया है और चालक की तलाश जारी है।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरटेक करना मुख्य कारण लग रहा है।
संकरे ओवरब्रिज पर अक्सर ऐसे हादसे होने की शिकायतें आती रही हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है
कि ऐसे खतरनाक ओवरब्रिजों को चौड़ा किया जाए या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
साथ ही, बस चालकों पर सख्ती बरतने और स्पीड लिमिट का पालन कराने की जरूरत बताई जा रही है।
निष्कर्ष: सड़क सुरक्षा की अनदेखी फिर ली जान
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करता है।
संकरे पुलों-ओवरब्रिजों पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी घातक हो सकती है, यह घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है।
एक परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया और पांच बहनें अपने भाई के बिना अधूरी हो गईं।


