गोरखपुर जिले में एक सभासद और एक महिला के बीच मारपीट का मामला सुर्खियों में आ गया है। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर देकर पुलिस को सौंप दी है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि थाने में हंगामा मच गया और पुलिस को शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल लगाना पड़ा। पूरा इलाका इस घटना से तनावपूर्ण माहौल में है और स्थानीय लोग दोनों पक्षों के समर्थन में बंटे हुए नजर आ रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण
घटना गोरखपुर के एक वार्ड (कुछ रिपोर्ट्स में गोलघर या बरहल क्षेत्र बताया जा रहा है) में हुई। जानकारी के अनुसार, एक महिला और स्थानीय सभासद के बीच कई दिनों से छोटी-मोटी बातों पर विवाद चल रहा था। विवाद की जड़ बताई जा रही है कि महिला ने सभासद पर वार्ड में विकास कार्यों में लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया था। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज हुई और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई।
महिला पक्ष का आरोप है कि सभासद ने खुद और उनके साथ आए लोगों ने मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। दूसरी ओर सभासद का कहना है कि महिला ने पहले गाली-गलौज की और उनके साथ आए लोगों पर हमला किया, जिसके बाद बचाव में हाथ उठाना पड़ा। घटना के दौरान आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और मामला काफी बिगड़ गया।
दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर
मारपीट के तुरंत बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे। महिला ने सभासद और उनके साथियों के खिलाफ IPC की धारा 323 (मारपीट), 504 (गाली-गलौज), 506 (धमकी) और अन्य धाराओं में तहरीर दी। वहीं सभासद ने भी महिला और उनके समर्थकों के खिलाफ काउंटर तहरीर दाखिल की, जिसमें धारा 323, 341 (गलत तरीके से रोकना), 504 और 506 का जिक्र किया गया।
पुलिस ने दोनों तहरीरों को दर्ज कर लिया है और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज करने का काम शुरू किया है। फिलहाल दोनों पक्षों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में तनाव और राजनीतिक रंग
यह विवाद सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रह गया। सभासद एक प्रमुख राजनीतिक दल से जुड़े हैं,
जबकि महिला भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं।
दोनों पक्षों के समर्थक थाने के बाहर जमा हो गए और एक-दूसरे पर नारेबाजी की।
पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि
इस तरह के विवाद वार्ड विकास और राजनीतिक रसूख को लेकर अक्सर होते रहते हैं।
कुछ सामाजिक संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील की है।
वहीं महिला संगठनों ने कहा है कि अगर महिला को चोटें आई हैं तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस की अपील और आगे की जांच
गोरखपुर पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
थाना प्रभारी ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी और जो भी
दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
घटना की वजह से पूरे वार्ड में तनाव का माहौल है और
लोग किसी बड़े बवाल की आशंका जता रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि छोटी-छोटी बातें भी राजनीतिक
रंग लेने पर कितनी बड़ी समस्या बन सकती हैं।
अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिरकार मामला किस तरफ जाता है।


