उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे समाज में हलचल मचा दी है। पिलखुवा क्षेत्र के गांव पूठा हुसैनपुर निवासी युवक गुलशन कुमार ने अपनी पत्नी पायल रानी (जो बरेली में महिला सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं) पर दहेज उत्पीड़न का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है। गुलशन का दावा है कि उन्होंने अपनी मेहनत-मजदूरी से पत्नी को पढ़ाया-लिखाया, कोचिंग दिलाई और दरोगा बनने में पूरी मदद की, लेकिन नौकरी लगते ही रिश्ता बदल गया और पत्नी ने उनके तथा पूरे परिवार के खिलाफ झूठा केस ठोक दिया।
प्रेम कहानी से शुरू हुआ सफर
गुलशन और पायल रानी की मुलाकात साल 2016 में हुई थी, जब दोनों एक साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुए। साल 2021 में उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद परिवार वालों को समझा-बुझाकर 2 दिसंबर 2022 को हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। गुलशन का कहना है कि शादी में कोई दहेज नहीं लिया गया था और दोनों ने बिना किसी अतिरिक्त मांग के जीवन शुरू किया।
शादी के बाद गुलशन ने पायल की पढ़ाई में पूरा साथ दिया। उन्होंने मजदूरी और मेहनत से कमाई का पैसा पायल की कोचिंग, किताबों और अन्य खर्चों पर लगाया। वर्ष 2023 में पायल रानी उत्तर प्रदेश पुलिस में उप-निरीक्षक (SI) के रूप में चयनित हुईं और वर्तमान में बरेली जिले में तैनात हैं। गुलशन का आरोप है कि जैसे ही पायल को वर्दी मिली, उनका व्यवहार बदल गया। वे अब पति और ससुराल वालों से दूरी बनाने लगीं।
फर्जी मुकदमे का आरोप और पुलिस कार्रवाई
13 नवंबर 2025 को पायल रानी ने हापुड़ के एसपी को शिकायत देकर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने पति गुलशन, सास-ससुर, जेठ-जेठानी, ननद और नंदोई समेत 6 परिजनों पर दहेज की मांग, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न, 10 लाख रुपये और कार की मांग करने तथा तेजाब फेंकने की धमकी देने का आरोप लगाया।
मुकदमा विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
दूसरी ओर, गुलशन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और फर्जी बताया है। वे कहते हैं
कि पायल ने नौकरी मिलने के बाद वर्दी का दुरुपयोग कर उन्हें और परिवार को फंसाने की कोशिश की है।
गुलशन ने हापुड़ एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की
और दावा किया कि वे खुद बेरोजगार हैं
और नौकरी की तैयारी कर रहे हैं।
एसपी ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
समाज में उठे सवाल
यह घटना दहेज कानून के दुरुपयोग और वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात के मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है।
ग्रामीण इलाकों में जहां लड़के परिवार मेहनत से पत्नी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं,
वहां ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
गुलशन जैसे युवकों का कहना है कि सफलता मिलने पर रिश्ते बदल जाते हैं
और कानून का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
दूसरी तरफ, महिलाओं की सुरक्षा और दहेज उत्पीड़न के खिलाफ कानून महत्वपूर्ण हैं
, लेकिन फर्जी शिकायतों से निर्दोष परिवार प्रभावित होते हैं।
पुलिस को दोनों पक्षों की जांच निष्पक्ष तरीके से करनी होगी ताकि सच्चाई सामने आए।
यह मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जहां लोग दोनों पक्षों पर अपनी राय दे रहे हैं।
उम्मीद है कि जांच से जल्द न्याय होगा और ऐसे मामलों में सावधानी बरती जाएगी।

