गैस सिलिंडर की जद्दोजहद में चली गई किशोर की जान: 3 दिन लाइन में लगने के बाद सड़क हादसे में आयुष साहनी की मौत

गोरखपुर के बांसगांव गोरखपुर के बांसगांव

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक बार फिर सड़क हादसे ने एक मासूम जिंदगी छीन ली है। बांसगांव थाना क्षेत्र के करहल गांव में 14 वर्षीय किशोर आयुष साहनी की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब वह घर में गैस सिलिंडर की कमी के कारण तीन दिनों से संघर्ष कर रहा था और आखिरकार शुक्रवार को सिलिंडर लेने एजेंसी पहुंचा ही था कि रास्ते में अज्ञात वाहन ने उसे चपेट में ले लिया।

तीन दिनों से लगा रहा लाइन में, फिर भी नहीं मिला सिलिंडर

मृतक आयुष साहनी के दादा चौथी साहनी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से परिवार गैस सिलिंडर के लिए परेशान था। बुधवार को गैस की गाड़ी आई थी, लेकिन लंबी कतार और भीड़ के कारण आयुष को सिलिंडर नहीं मिल सका। बृहस्पतिवार को गाड़ी ही नहीं आई। शुक्रवार को जैसे ही गाड़ी पहुंची, आयुष फिर से सुदामा गैस एजेंसी के चक्कर लगाने पहुंच गया।

एजेंसी पर ओटीपी वेरिफिकेशन की जांच चल रही थी। आयुष अपना मोबाइल फोन घर पर भूल गया था। सिलिंडर बुकिंग के लिए ओटीपी की जरूरत पड़ने पर वह फोन लेने घर की ओर निकला। इसी दौरान एजेंसी से कुछ दूरी पर अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया।

मौके पर ही मौत, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते हो गई जान

आसपास के लोगों ने तुरंत आयुष को बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

यह घटना आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों को दर्शाती है। जहां एक तरफ घर में रसोई गैस खत्म होने से परिवार परेशान है, वहीं दूसरी तरफ लंबी लाइनों और भीड़ में समय बर्बाद करने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पाता। आयुष जैसे निर्दोष किशोर को इस जद्दोजहद की भेंट चढ़ना पड़ा।

सड़क सुरक्षा और गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल

यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियों को

उजागर करता है। गैस सिलिंडर की डिलीवरी में देरी, एजेंसी पर

भीड़ और ओटीपी जैसी प्रक्रियाओं के कारण आम लोग बार-बार एजेंसी के चक्कर काटते हैं। साथ ही सड़कों पर

तेज रफ्तार वाहनों और अज्ञात हिट एंड रन के मामले बढ़ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी के आसपास ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होना चाहिए। साथ ही गैस कंपनियों को

डिलीवरी सिस्टम सुधारने की जरूरत है ताकि लोगों को बार-बार लाइन में न लगना पड़े।

परिवार में मचा कोहराम, न्याय की गुहार

आयुष के परिवार में शोक की लहर है। छोटी उम्र में ही किशोर की

ऐसी दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

परिवार न्याय की मांग कर रहा है। पुलिस से अपील है कि अज्ञात वाहन चालक को जल्द पकड़ा जाए।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़कें कितनी खतरनाक हो सकती हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में

जहां ट्रैफिक नियमों का पालन कम होता है। लोगों को सतर्क रहने और तेज रफ्तार से बचने की जरूरत है।

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