एक चुटकी सिन्दूर की कीमत तुम क्या जानो नरेन बाबू!! आलेख: बादल सरोज (PART-1)

अंततः खुद उन्हीं ने इसका प्रमाण भी प्रस्तुत कर दिया है कि वे सचमुच में नॉन-बायोलॉजिकल हैं, अपौरुषेय हैं. सबसे पहली बार उन्होंने चौबीस के लोकसभा चुनाव के पहले चराचर मनुष्य जगत के समक्ष यह रहस्य उदघाटित किया था कि वे सामान्य प्राणियों की भांति जन्मे नहीं है, बल्कि स्वयं परमात्मा द्वारा भेजे गए हैं….

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इसे कहते हैं सेना को युद्ध की भट्टी में झोंकना! आलेख: संजय पराते (PART-2)

युद्ध की परिस्थितियों में सरकार और सत्ताधारी पार्टी की जिम्मेदारी पूरे देश को एकजुट करने की होती है, इसके बजाय वह देश को और विभाजित करने का काम कर रही थी. इस सबके बावजूद, पूरा विपक्ष और पूरा देश सरकार के साथ एकजुट था कि वह इस आतंकी हमले का प्रतिकार करने के लिए किसी…

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इसे कहते हैं सेना को युद्ध की भट्टी में झोंकना! आलेख: संजय पराते (PART-1)

जब बिना किसी सुविचारित नीति के चुनाव को नजर में रखकर युद्धोन्माद फैलाया जाता है और फिर जनता को संतुष्ट करने और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को मजबूत करने के लिए युद्ध की ‘रचना’ की जाती है, तो उसका वही हश्र होता है, जो कल हमें दिखा. पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पूरे देश में युद्ध…

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पहलगाम हमला पाकिस्तान प्रायोजित लेकिन क्या केंद्र सरकार की नाकामी कुछ कम है?: संजय पराते (PART-2)

पाकिस्तान प्रायोजित इस हमले की जितनी निंदा की जाए, कम है, लेकिन इतना ही यह भी साफ है कि कश्मीर के मामले में इंटेलीजेंस की चौकसी और भारत सरकार की नीतियां बार-बार फेल हुई है. हमले के तुरंत बाद गोदी मीडिया और संघी गिरोह का यह प्रचार भी अब पूरी तरह से झूठा साबित हो…

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पहलगाम हमला पाकिस्तान प्रायोजित लेकिन क्या केंद्र सरकार की नाकामी कुछ कम है?: संजय पराते (PART-1)

नोटबंदी के बाद मोदी सरकार का दावा था कि आतंकवाद की कमर तोड़ दी गई है. संविधान के अनुच्छेद-370 को खत्म करते हुए दूसरा दावा था कि आतंकवाद की जड़ को खत्म कर दिया गया है. संसद में इस सरकार ने बार-बार अपनी पीठ ठोंकी है कि कश्मीर घाटी में सब ठीक है, आतंकवाद कांग्रेस…

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