नफरत के चौकीदार: विष्णु नागर (PART-1)
अगर आँखें हैं और दिल- दिमाग भी है, तो भलाई इसी में है कि आँखें बंद रखिए. आँखें बंद नहीं रख सकते, तो दिल और दिमाग के कपाट बंद रखिए और उनकी चाबी मोदी जी, अमित शाह जी, योगी जी प्रजाति के सज्जनों-दुर्जनों को देकर सुखी रहिए. इन पर भरोसा न हो तो चाबी नागपुर…


