संविधान की हत्या या संवैधानिक शासन? राष्ट्रपति महोदया से देश की एकता बचाने की अपील: गांधी शहादत दिवस पर एक पुकार
शुक्र है बापू, तुम ना हुए एक तो 30 जनवरी की तारीख के बावजूद, तीस जनवरी वाली कोई बात नहीं थी। न मुकर्रर वक्त पर साइरन के जरिए पुकार और न जगह-जगह लाउडस्पीकरों से ‘‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’’ की गुहारें गांधी शहादत दिवस पर…

