खुशियों के बीच आई मौत की खबर
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ददौरा गांव में मची खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं। सीआरपीएफ जवान प्रभुनाथ यादव (26) की शादी आगामी 6 मई को तय थी। घर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं—रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजे जा चुके थे, सजावट का सामान आ चुका था और परिवार वाले सपनों की दुनिया में खोए हुए थे। लेकिन मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ से आई मौत की खबर ने सब कुछ छीन लिया। प्रभुनाथ को अपने कैंप में अचेत अवस्था में पाया गया और उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह मौत संदेहास्पद बताई जा रही है, जिससे परिवार और पूरे गांव में कोहराम मच गया है।
घटना का विवरण: कैंप में अचेत मिले जवान
प्रभुनाथ यादव सीआरपीएफ की 180 बटालियन में तैनात थे और जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में ड्यूटी पर थे। मंगलवार को उन्हें कैंप में अचेत अवस्था में पाया गया। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस और CRPF की प्रारंभिक जांच में इसे संदिग्ध मौत बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन परिवार और गांव वाले इसे आत्महत्या या हत्या की संभावना से इनकार नहीं कर रहे। प्रभुनाथ के शव को पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को गोरखपुर लाया गया, जहां अंतिम संस्कार हुआ।
शादी की तैयारियां और परिवार का सदमा
प्रभुनाथ की शादी 6 मई को तय थी। परिवार वाले बेहद खुश थे। मां-बाप, भाई-बहन और रिश्तेदार सभी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। घर में रंग-रोगन, सजावट और खरीदारी का माहौल था। लेकिन मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। मां बेहोश हो गईं, पिता रो-रोकर बेहाल हैं। गांव के लोग भी सदमे में हैं। हर आंख नम है और लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। एक रिश्तेदार ने बताया, “प्रभुनाथ बहुत मेहनती और जिम्मेदार था। शादी की बात चल रही थी, वह घर आने की तैयारी कर रहा था। अचानक यह खबर सुनकर विश्वास नहीं हो रहा।”
गांव और परिवार में उठ रहे सवाल
पूरे ददौरा गांव में शोक की लहर है। लोग पूछ रहे हैं—एक जवान जो देश की सेवा कर रहा था, उसकी मौत कैसे हुई? क्या यह आत्महत्या थी या कोई अन्य कारण? क्या ड्यूटी के दौरान कोई तनाव था?
परिवार ने CRPF और पुलिस से पूरी जांच की मांग की है।
गांव वालों का कहना है कि प्रभुनाथ खुशमिजाज था, किसी से कोई शिकायत नहीं थी।
फिर भी मौत संदिग्ध होने से जांच जरूरी है।
CRPF ने परिवार को आर्थिक सहायता और अन्य लाभ देने का आश्वासन दिया है।
जवान की मौत ने छोड़ दिया दर्द
प्रभुनाथ यादव की मौत ने एक बार फिर सीमा पर तैनात जवानों की मानसिक स्थिति और कार्यस्थल पर
चुनौतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी की तैयारियां चल रही थीं, घर में खुशियां बिखर रही थीं,
लेकिन मौत ने सब छीन लिया। परिवार अब न्याय की उम्मीद में है।
गांव वाले प्रभुनाथ को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
यह घटना पूरे पूर्वांचल में शोक और चिंता का विषय बन गई है।

