गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का सर्वे शुरू: भटहट के कई गांवों से गुजरेगा कॉरिडोर – चिह्नांकन जारी, पूर्वांचल कनेक्टिविटी में क्रांति

गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे

गोरखपुर को पानीपत से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। यह कॉरिडोर भटहट क्षेत्र के कई गांवों से गुजरेगा और चिह्नांकन का काम जोरों पर है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को हरियाणा और दिल्ली से सीधा जोड़ेगा, जिससे यात्रा समय कम होगा और विकास को गति मिलेगी। सर्वे टीम गांवों में पहुंचकर भूमि चिह्नांकन कर रही है। यह परियोजना यूपी की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी।

यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होकर भटहट, जंगल कौड़िया और अन्य इलाकों से गुजरेगा। सर्वे में गांवों की जमीन, नदी-नाले और मौजूदा सड़कों का अध्ययन हो रहा है। भटहट के कई गांव प्रभावित होंगे, जहां किसानों की जमीन आएगी। चिह्नांकन से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसान मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं। यह कॉरिडोर गोरखपुर को पानीपत से जोड़ेगा और पूर्वांचल से उत्तर भारत की दूरी कम करेगा। यात्रा समय आधा हो जाएगा।

सर्वे टीम ने गांवों में पिलर गाड़ने और मैपिंग शुरू की है। भटहट क्षेत्र में कई गांव जैसे कुसहरा, भटहट और आसपास के इलाके कॉरिडोर में आएंगे। यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा और हाई स्पीड ट्रैफिक के लिए डिजाइन किया गया है। परियोजना से रोजगार, व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा। गोरखपुर एयरपोर्ट और रेलवे से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

किसानों ने कहा कि यदि मुआवजा उचित मिला तो सहयोग करेंगे। कुछ गांवों में चिह्नांकन पर विवाद की आशंका है। प्रशासन ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया होगी और प्रभावितों को न्याय मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लिंक होगा।

सर्वे डिटेल्स: भटहट से गुजरेगा

*सर्वे में:

  • भटहट कई गांव।
  • चिह्नांकन पिलर।
  • भूमि मैपिंग।
  • नदी-नाले अध्ययन।
  • 6 लेन प्लान।
  • हाई स्पीड।
  • कनेक्टिविटी।

सर्वे तेजी से।

लाभ: विकास और कनेक्टिविटी

परियोजना से:

  • यात्रा समय कम।
  • व्यापार बढ़ेगा।
  • रोजगार।
  • पर्यटन।
  • इंडस्ट्री।
  • पूर्वांचल मजबूत।
  • दिल्ली नजदीक।

बड़ा लाभ।

किसानों की स्थिति: मुआवजा उम्मीद

किसान कहते हैं:

  • जमीन अधिग्रहण।
  • उचित मुआवजा।
  • सहयोग।
  • विवाद संभव।
  • न्याय मांग।
  • विकास समर्थन।
  • चिह्नांकन देख।

किसान सतर्क।

प्रशासन तैयारी: पारदर्शिता

प्रशासन ने:

  • सर्वे टीम।
  • चिह्नांकन।
  • मुआवजा प्लान।
  • मीटिंग।
  • अपडेट।
  • सुरक्षा।
  • सुगमता।

तैयारी पूरी।

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