यूपी: पॉलीटेक्निक संस्थानों में शुरू होगी एआई-डाटा साइंस की पढ़ाई, टाटा के सहयोग से 45 संस्थानों से शुरूआत

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यूपी पॉलीटेक्निक में बड़ा बदलाव: एआई और डाटा साइंस की शुरुआत

उत्तर प्रदेश सरकार राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डाटा साइंस जैसे नए विषयों की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह पहल टाटा कंपनी (टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड) के सहयोग से हो रही है, जिसके तहत पहले चरण में 45 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।

टाटा के साथ साझेदारी: 121 संस्थानों का लक्ष्य, पहले 45 से शुरुआत

प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग ने टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर ‘टाटा टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस सेंटर्स’ स्थापित करने का फैसला किया है। कुल 121 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों को इस परियोजना में शामिल किया जाएगा। पहले फेज में 45 संस्थानों का चयन किया गया है, जहां आधुनिक मशीनें, उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर लगाया जाएगा। इस परियोजना पर कुल करोड़ों रुपये खर्च होंगे, जिसमें टाटा का बड़ा योगदान रहेगा। सरकार का उद्देश्य इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच की खाई को पाटना है, ताकि डिप्लोमा छात्र सीधे नौकरी के लिए तैयार हो सकें।

एकेटीयू के साथ पाठ्यक्रम अपडेट: नए सत्र से लागू

प्राविधिक शिक्षा विभाग डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के सहयोग से पाठ्यक्रम को अपडेट कर रहा है। नए सत्र से छात्रों को एआई, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग और संबंधित आधुनिक विषयों की पढ़ाई मिलेगी। यह बदलाव सिर्फ कंप्यूटर साइंस या आईटी ब्रांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य ब्रांचों में भी एआई के एप्लीकेशन्स को शामिल किया जाएगा। छात्रों को थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री एक्सपोजर मिलेगा, जिससे वे ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धी बन सकें।

छात्रों के लिए फायदे: बेहतर रोजगार और स्किल डेवलपमेंट

यह पहल उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एआई और डाटा साइंस जैसे क्षेत्रों में कुशल युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। पॉलीटेक्निक स्तर पर इन कोर्सेस की शुरुआत से छात्रों को जल्दी स्किल्ड बनने का मौका मिलेगा। टाटा जैसी बड़ी कंपनी के साथ जुड़ाव से प्लेसमेंट, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री ट्रेनिंग के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि

डिप्लोमा पास छात्रों की एम्प्लॉयबिलिटी बढ़े और वे अच्छी सैलरी वाली जॉब्स पा सकें।

योगी सरकार की स्किलिंग पहल: आईटीआई से पॉलीटेक्निक तक विस्तार

योगी आदित्यनाथ सरकार पहले से ही आईटीआई संस्थानों को अपग्रेड कर रही है, जहां टाटा के सहयोग से

सैकड़ों केंद्र आधुनिक बनाए गए हैं। अब यह अभियान पॉलीटेक्निक तक पहुंच गया है।

एआई, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और डाटा साइंस जैसे विषयों प

र फोकस से प्रदेश के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे। यह कदम न केवल शिक्षा को मजबूत करेगा,

बल्कि उत्तर प्रदेश को स्किल्ड वर्कफोर्स का बड़ा सोर्स बनाएगा।

भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां

45 संस्थानों से शुरू होने वाली यह योजना धीरे-धीरे सभी 121 पॉलीटेक्निक तक फैलेगी।

यदि सफल रही तो यूपी के लाखों छात्रों को फायदा होगा। हालांकि, फैकल्टी ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और

कंटिन्यूअस अपडेट जैसे पहलुओं पर ध्यान देना होगा। कुल मिलाकर,

टाटा के सहयोग से यूपी पॉलीटेक्निक में एआई-डाटा साइंस की पढ़ाई एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी

, जो छात्रों के करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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