मेरठ, 24 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दिल दहला देने वाली त्रासदी ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद, गली नंबर 1 या 3 में कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद उर्फ आसिम के दो-तीन मंजिला मकान में सोमवार रात करीब 8:45 बजे भीषण आग लग गई। इस हादसे में 5 मासूम बच्चों समेत 6 लोगों की जिंदा जलकर और धुएं से दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों में इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार (30 वर्ष), उनका 3 वर्षीय बेटा अकदस (अद्दस), 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया और इनायत, भाई फारूक की 12 वर्षीय बेटी महविश और 4 वर्षीय बेटा हम्माद शामिल हैं। एक अन्य महिला (अमीर बानो, 55 वर्ष) गंभीर रूप से झुलसी हैं और उनका राजधानी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे का क्रम और परिवार की तबाही
घटना के समय घर के मुखिया इकबाल और उनके भाई फारूक सुराही वाली मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। घर में महिलाएं और बच्चे अकेले थे। निचले तल पर रेडीमेड कपड़ों का गोदाम होने से आग तेजी से भड़क उठी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण बताया जा रहा है। आग की लपटें और घना धुआं इतनी तेजी से फैला कि फंसे लोग कमरों में बंद हो गए। रुखसार ने बच्चों को बचाने की कोशिश में उन्हें लिपटाकर रखा, लेकिन सब कुछ राख हो गया। फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने पड़ोसी मकान की छत से सीढ़ी लगाकर राहत कार्य किया, लेकिन 30 मिनट से अधिक समय लग गया। सभी को राजधानी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 6 को मृत घोषित कर दिया।
जनाजे और दर्दनाक मंजर
हादसे के बाद रात में ही 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया और इनायत को बाले मियां कब्रिस्तान में दफना दिया गया, क्योंकि वे सबसे छोटी थीं और पोस्टमार्टम से इंकार किया गया। मंगलवार को रुखसार, अकदस, महविश और हम्माद के जनाजे एक साथ उठाए गए। रमजान के पवित्र महीने में एक ही परिवार के चार शव एक साथ देखकर हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाओं के चेहरे पर आंसू छलक आए और चीत्कारें गूंजती रहीं। इकबाल के बेटे आसिम बच्चों की लाशों से लिपटकर रोते रहे। जनाजे में इलाके के हजारों लोग शामिल हुए,
जो इस दर्द को साझा करने आए। पूरा किदवई नगर शोक में डूबा हुआ है।
जांच और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय और डीएम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। फायर ब्रिगेड,
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। पोस्टमार्टम से इंकार होने पर शव परिवार को सुपुर्द कर दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को सहायता का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए हैं। यह हादसा घरेलू सुरक्षा की कमी को उजागर करता है,
जहां शॉर्ट सर्किट और गोदाम में रखे सामान से ऐसी त्रासदियां होती हैं।
यह घटना मेरठ में हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक अग्निकांडों में से एक है, जिसने समाज में घरों में
फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल चेकअप और आपातकालीन उपायों पर बहस छेड़ दी है।
काशी और पूरे यूपी में ऐसी घटनाओं से सबक लेने की जरूरत है।


