SIR का उद्देश्य और महत्व
गोरखपुर जिले में विशेष गहन संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान चल रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची को शुद्ध बनाना है। इसमें बोगस वोटरों, मृत व्यक्तियों, डुप्लिकेट नामों और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान की जा रही है। इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी। जिले में कुल 34 लाख मतदाता हैं। इनमें से करीब 17 प्रतिशत बोगस पाए गए हैं। यह अभियान पिछले चुनावों में हुई अनियमितताओं को दूर करने के लिए आवश्यक है।
कितने बोगस वोटर हटेंगे?
जांच में 5.78 लाख बोगस वोटरों की पहचान हुई है। इनमें 1.26 लाख मृत व्यक्ति शामिल हैं। 66 हजार डुप्लिकेट नाम भी मिले हैं। लगभग 1 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं पाए गए। ये सभी नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इससे सूची में साफ-सफाई आएगी। जिले के हर वार्ड और गांव में संतुलन बनाए रखा जाएगा। कोई भी महत्वपूर्ण नाम गलती से न हटे, इसकी दोबारा जांच हो रही है।
स्थानांतरित मतदाताओं का क्या होगा?
करीब 2.5 लाख मतदाता जो अन्य जगह चले गए हैं, उनकी पहचान हो चुकी है। इनके नाम वर्तमान सूची से हटाए जाएंगे। नए पते पर वे अपनी वोट डाल सकेंगे। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अपडेट रखने में मदद करेगी। अभियान के तहत फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। अभी तक 95.5 प्रतिशत फॉर्म जमा हो चुके हैं। डिजिटाइजेशन भी पूरा हो गया है।
प्रक्रिया कैसे चल रही है?
मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर फॉर्म इकट्ठा कर रहे हैं। ये फॉर्म पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। सत्यापन के बाद ही नाम हटाए या जोड़े जा रहे हैं। जो मतदाता अभी फॉर्म नहीं भर पाए, वे तुरंत BLO से संपर्क करें। इससे उनका नाम सूची में शामिल रहेगा। जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कोई भी अनावश्यक हटान न हो, इसकी निगरानी हो रही है।
अधिकारियों के बयान
जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा ने बताया कि सोमवार तक 95.50 प्रतिशत गणना फॉर्म जमा हो चुके हैं। डिजिटाइजेशन का कार्य भी लगभग पूरा है। उन्होंने कहा कि बोगस वोटरों का प्रतिशत 17 प्रतिशत है। दोबारा सत्यापन से कोई कमी न रहे। फॉर्म भरने वाले लोग BLO से जुड़ें। अंतिम तिथि नजदीक है। यह अभियान जिले की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि
फॉर्म भरकर जमा करने और पोर्टल पर अपलोड की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 है। अभी केवल तीन दिन बाकी हैं। देरी से नाम सूची से बाहर हो सकता है। मतदाता सतर्क रहें। BLO की मदद लें। यह समयबद्ध प्रक्रिया है। समय पर पूरा न होने से परेशानी हो सकती है।
गोरखपुर चुनावों पर असर
यह अभियान भविष्य के चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ाएगा। बोगस वोटरों के हटने से वास्तविक मतदाताओं का प्रतिशत बढ़ेगा। स्थानीय स्तर पर मतदाता संख्या में असंतुलन न हो, इसकी जांच जारी है। जिले में स्वच्छ मतदाता सूची से निष्पक्ष चुनाव संभव होंगे। इससे लोकतंत्र मजबूत होगा।
निष्कर्ष
SIR अभियान गोरखपुर में मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
5.78 लाख बोगस नामों को हटाने से चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। 2.5 लाख स्थानांतरित मतदाताओं का अपडेट भी जरूरी है।
जिला प्रशासन की सक्रियता सराहनीय है। मतदाताओं को फॉर्म समय पर भरना चाहिए।
इससे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी। जागरूकता से ही स्वच्छ चुनाव संभव हैं।
FAQ
SIR अभियान क्या है?
यह विशेष गहन संक्षिप्त पुनरीक्षण है। मतदाता सूची से बोगस, मृत और डुप्लिकेट नाम हटाने का कार्य।
गोरखपुर में कितने बोगस वोटर हटेंगे?
5.78 लाख बोगस वोटरों को सूची से बाहर किया जाएगा। इसमें मृत, डुप्लिकेट शामिल।
स्थानांतरित मतदाता कौन हैं?
2.5 लाख मतदाता जो अन्य जगह चले गए। उनके नाम हटाकर नए पते पर जोड़े जाएंगे।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
11 दिसंबर 2025। अभी तीन दिन बाकी हैं। BLO से संपर्क करें।
इस अभियान का चुनावों पर क्या असर पड़ेगा?
मतदाता सूची शुद्ध होगी। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव होंगे। बोगस वोटिंग रुकेगी।

