उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में एक नई अपडेट आई है। मैपिंग पूरा होने के बाद भी कई गलतियां सामने आई हैं, जिसके चलते अब लगभग 6 लाख और मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। ये नोटिस उन मतदाताओं को जाएंगे जिनकी मैपिंग तो हो चुकी है लेकिन नाम, पता, उम्र या अन्य छोटी-मोटी गलतियां बाकी रह गई हैं। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को तेज कर रहा है ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अपडेट किया जा सके।
H2: गोरखपुर SIR में क्या है नई समस्या? मैपिंग के बाद भी गलतियां क्यों?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिले में पहले मैपिंग का काम पूरा किया गया था। लेकिन मैपिंग के बाद भी कई मतदाताओं के रिकॉर्ड में गलतियां पाई गईं। ये गलतियां छोटी-छोटी हैं जैसे नाम में स्पेलिंग एरर, पता में कमी, उम्र में अंतर या अन्य विसंगतियां।
ऐसे मतदाताओं की संख्या करीब 6 लाख बताई जा रही है। पहले इन गलतियों को दूर करने के लिए सुनवाई का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन अब फैसला लिया गया है कि नोटिस भेजकर इन्हें सुधारा जाएगा।
H2: 6 लाख मतदाताओं को कैसे मिलेगा नोटिस? प्रक्रिया क्या होगी?
ये नोटिस विशेष रूप से उन मतदाताओं को भेजे जाएंगे जिनकी मैपिंग हो चुकी है लेकिन गलती बाकी है। नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को सुनवाई में जाने की जरूरत नहीं होगी।
बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) खुद नोटिस लेकर घर-घर जाएंगे। मतदाता बीएलओ को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा देंगे, जिन्हें बीएलओ अपलोड कर देंगे और गलतियां तुरंत सुधार ली जाएंगी। इससे प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी।
H2: SIR अभियान का उद्देश्य और गोरखपुर में स्थिति
SIR अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा और सटीक बनाना है।
गोरखपुर में पहले चरण में बड़ी संख्या में
नाम हटाए गए थे (करीब 6.45 लाख), अब मैपिंग गलतियों को सुधारने का दौर चल रहा है।
यह प्रक्रिया पूरे उत्तर प्रदेश में चल रही है, जहां ड्राफ्ट सूची में कई विसंगतियां पाई गई हैं। गोरखपुर में
यह कदम मतदाताओं को राहत देगा और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
मतदाताओं के लिए सलाह – क्या करें?
- अगर आपको नोटिस मिलता है तो घबराएं नहीं।
- बीएलओ से संपर्क करें और जरूरी दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी, प्रमाण पत्र आदि) उपलब्ध कराएं।
- समय पर सुधार करवाएं ताकि अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम सही रहे।
- SIR की अंतिम तिथि (दावे-आपत्ति के लिए) नजदीक है, इसलिए जल्दी एक्शन लें।
मतदाता सूची में पारदर्शिता की दिशा में कदम
गोरखपुर में SIR के तहत 6 लाख और नोटिस भेजने का फैसला
मतदाता सूची को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मैपिंग गलतियों को सुधारकर चुनाव आयोग सुनिश्चित कर रहा है कि कोई योग्य मतदाता वंचित न रहे।
अधिक जानकारी के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय या चुनाव आयोग की वेबसाइट चेक करें।


