शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलहर क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। इततेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख और बरेली दंगे के आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां के बेटे की कार रोडवेज बस से टकरा गई। हादसे के बाद पुलिस जांच में कार के बैग से आधा ग्राम क्रिस्टल ड्रग्स (संभवतः आइस या मेथैंफेटामाइन) और सिरिंज बरामद हुई। युवक ने डिक्की खोलने से लगातार मना किया और अपना तथा पिता का नाम बताने में भी काफी आनाकानी की।
हादसे और जांच का पूरा विवरण
घटना 6 जनवरी 2026 की देर रात की है। तिलहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर मौलाना तौकीर रजा के बेटे (नाम अभी गोपनीय रखा गया है) अपनी लग्जरी कार से जा रहे थे। अचानक उनकी कार ने सामने से आ रही उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
सूचना मिलते ही तिलहर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के दौरान युवक का व्यवहार संदिग्ध लगा। वह अपना नाम और पिता का नाम बताने में हिचकिचा रहा था। पुलिस ने जब कार की तलाशी लेनी चाही तो उसने डिक्की खोलने से साफ मना कर दिया। संदेह बढ़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और बैग की तलाशी ली।
बैग से करीब आधा ग्राम सफेद क्रिस्टल जैसी ड्रग्स और इस्तेमाल की गई सिरिंज बरामद हुई। फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल भेज दिए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह हाई क्वालिटी सिंथेटिक ड्रग हो सकती है, जिसकी कीमत स्ट्रीट पर लाखों में होती है।
पुलिस कार्रवाई और केस दर्ज
तिलहर थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कार को जब्त कर लिया गया है और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने अंततः अपना और पिता मौलाना तौकीर रजा खां का नाम बताया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवक बरेली से दिल्ली की ओर जा रहा था। हादसे के समय कार में वह अकेला था। ड्रग्स की मात्रा कम होने के बावजूद सिरिंज मिलने से इंजेक्शन के जरिए नशा करने का शक गहरा गया है।
मौलाना तौकीर रजा की पृष्ठभूमि
मौलाना तौकीर रजा खां बरेली में IMC के प्रमुख हैं और मुस्लिम समुदाय में काफी प्रभाव रखते हैं।
वे कई बार विवादों में रहे हैं, खासकर 2022 के बरेली दंगे में आरोपी बनाए गए थे।
राजनीतिक गलियारों में भी उनकी सक्रियता रहती है।
इस घटना से उनके परिवार पर सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। कुछ यूजर्स ने इसे कानून का सख्त पालन बताया,
तो कुछ ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।
विपक्षी दलों ने मौलाना तौकीर रजा पर निशाना साधा
, जबकि उनके समर्थकों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
कानून सबके लिए बराबर
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं।
चाहे कितना भी प्रभावशाली परिवार हो, ड्रग्स जैसे गंभीर अपराध में कोई छूट नहीं मिलेगी। पुलिस जांच जारी है
और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
समाज में ड्रग्स की बढ़ती समस्या को देखते हुए ऐसे मामलों पर सख्ती जरूरी है।
युवाओं से अपील है कि नशे से दूर रहें, क्योंकि यह जिंदगी बर्बाद कर देता है।


