गोरखपुर। रंग कर्म के क्षेत्र में जानी-मानी पहचान रखने वाली वरिष्ठ रंगकर्मी रीना जायसवाल को वर्ष 2025 का “बंश बहादुर मल्ल” मंडल गोरखपुर “कलाश्री सम्मान” 22 फरवरी, 2026 को हजरतगंज स्थित निराला सभागार लखनऊ उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। यह सम्मान बी. एम. एन. सेवा संस्थान द्वारा रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। रीना जायसवाल के प्रशंसकों और रंगकर्मी समुदाय में इस खबर से खुशी की लहर दौड़ गई है।
रंगमंच में 36 वर्षों का समर्पण
रीना जायसवाल पिछले 36 वर्षों से निरंतर रंगमंच में सक्रिय हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने 1989 में डॉ. गिरीश रस्तोगी के निर्देशन में “ध्रुवस्वामिनी” नाटक से अभिनय की शुरुआत की, जो दूरदर्शन दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय प्रसारण भी हुआ। इस शुरुआत के बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी प्रतिभा साबित की।
प्रमुख मंच और उपलब्धियां
रीना जायसवाल ने विश्व स्तरीय आठवीं ओलंपियाड मुंबई 2018, भारत रंग महोत्सव 2024-25, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली, राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव काशी हिंदू विश्वविद्यालय, भारतेंदु नाट्य अकादमी, भारत भवन भोपाल और द्वितीय नाट्य समारोह चंडीगढ़ जैसे मंचों पर अपनी अभिनय क्षमता प्रस्तुत की है। उनके अभिनीत प्रमुख नाटक हैं: “सम्राट अशोक”, “रश्मिरथी”, “अंधा युग”, “छब्बीस ग्यारह”, “कबीरा खड़ा बाजार में”, “पुण्य श्लोक अहिल्याबाई”, “अबू हसन”, “अधिकार हमें दो” आदि।
उन्होंने “पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर” और “पंचम वेद” जैसे नाटकों का निर्देशन भी किया है।
सम्मान और पुरस्कारों की शृंखला
रीना जायसवाल के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए पूर्व में भारत सरकार, संस्कृति विभाग 2023 के सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) द्वारा “सीनियर फेलोशिप” के लिए चयनित किया गया। इसके अलावा:
- युवा चेतना समिति द्वारा “नारी शक्ति सम्मान 2025” (हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला द्वारा प्रदान)
- “धरोहर सम्मान 2025”
- “डॉ. मनोज सिंह सम्मान 2022”
- “क्षेत्रीय प्रतिभा सम्मान 2016”
- “मार्बल्स रिकॉर्ड बुक ऑफ इंडिया”
सहित अनेक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हैं।
सामाजिक योगदान और बहुमुखी व्यक्तित्व
रंगकर्मी एवं चित्रकार रीना जायसवाल गऊ संरक्षण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही हैं। वे रंगमंच के माध्यम से सामाजिक संदेश पहुंचाने के साथ-साथ पर्यावरण और पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। उनकी यह बहुमुखी प्रतिभा उन्हें रंगकर्मी समुदाय में विशेष बनाती है।
कलाश्री सम्मान: एक नया अध्याय
22 फरवरी 2026 को लखनऊ के निराला सभागार में होने वाले समारोह में “
कलाश्री सम्मान” प्राप्त करना रीना जायसवाल के लिए
एक नया मील का पत्थर साबित होगा। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान को सम्मानित करेगा,
बल्कि गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के रंगमंच को भी नई पहचान देगा।
रंगकर्मी समुदाय और प्रशंसक इस उपलब्धि पर बधाई दे रहे हैं और
उम्मीद कर रहे हैं कि यह सम्मान उन्हें और अधिक प्रेरित करेगा।
रीना जायसवाल का सफर एक मिसाल है कि समर्पण और कला से कितना कुछ हासिल किया जा सकता है।
उनकी सफलता नई पीढ़ी के रंगकर्मियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।


