टी20 विश्व कप 2026 से पहले संजू सैमसन का खराब फॉर्म: 2025 से नहीं लगा अर्धशतक, टीम मैनेजमेंट की बढ़ी चिंता

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टी20 विश्व कप से पहले सैमसन का लगातार खराब फॉर्म

टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुका है – संजू सैमसन का फॉर्म। 2025 के बाद से सैमसन ने एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अर्धशतक नहीं लगाया है। उनका औसत इस दौरान 17.8 के आसपास पहुंच चुका है, जो एक फिनिशर और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के लिए बेहद चिंताजनक है।

2025 के बाद से सैमसन के टी20 आंकड़े

  • कुल टी20I मैच: 18
  • रन: 298
  • औसत: 17.5
  • स्ट्राइक रेट: 132.4
  • सर्वोच्च स्कोर: 41*
  • अर्धशतक: 0
  • 30+ स्कोर: सिर्फ 3

इन आंकड़ों से साफ है कि सैमसन बड़े स्कोर की तरफ नहीं बढ़ पा रहे हैं। जहां एक तरफ ऋषभ पंत ने वापसी के बाद लगातार आक्रामक पारियां खेली हैं, वहीं सैमसन लगातार सस्ते में आउट होते नजर आ रहे हैं।

टीम प्रबंधन के लिए चुनौती

टी20 विश्व कप में भारत की बल्लेबाजी लाइनअप में विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका बहुत अहम होती है। सैमसन को मिडिल ऑर्डर में फिनिशर के तौर पर देखा जाता रहा है, लेकिन उनका वर्तमान फॉर्म उन्हें प्लेइंग XI से बाहर करने की स्थिति पैदा कर रहा है। चयनकर्ताओं के सामने अब दो बड़े विकल्प हैं:

  1. ऋषभ पंत को विकेटकीपर और मिडिल ऑर्डर में बनाए रखना
  2. सैमसन को एक और मौका देना या फिर जितेश शर्मा/रिंकू सिंह जैसे युवाओं को ट्राई करना

हाल के घरेलू सीरीज और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सैमसन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कई बार वे पावरप्ले में आउट हुए, तो कई बार डेथ ओवर्स में बड़े शॉट नहीं खेल पाए। टीम इंडिया के मुख्य कोच और चयन समिति दोनों ही इस मुद्दे पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।

सैमसन के पक्ष में क्या है?

सैमसन के समर्थक कहते हैं कि उनका स्ट्राइक रेट अभी भी 130+ है और वह स्पिन के खिलाफ अच्छा खेलते हैं। साथ ही IPL में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए लगातार बड़े स्कोर बनाए हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव में उनका प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है।

वर्ल्ड कप से पहले क्या बदलाव संभव?

विशेषज्ञों का मानना है कि टीम मैनेजमेंट सैमसन को अंतिम दो टी20 मैचों में एक आखिरी मौका दे सकता है। अगर वे यहां भी फेल होते हैं, तो विश्व कप में उनकी जगह जितेश शर्मा या किसी अन्य विकेटकीपर बल्लेबाज को मिल सकती है।

सैमसन के लिए यह समय करियर का सबसे महत्वपूर्ण दौर है। अगर वे फॉर्म में वापसी नहीं करते,

तो टी20 विश्व कप 2026 उनकी आखिरी बड़ी मौके में से एक साबित हो सकता है।

सैमसन को फॉर्म में लौटना जरूरी

टी20 विश्व कप में भारत की सफलता के लिए संजू सैमसन का फॉर्म बहुत अहम है।

टीम प्रबंधन की चिंता जायज है

, क्योंकि एक कमजोर लिंक पूरी बल्लेबाजी को प्रभावित कर सकता है।

अब देखना यह है कि क्या सैमसन आखिरी समय में कमाल दिखा पाते हैं

या फिर टीम को कोई नया विकल्प चुनना पड़ता है।

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