गणतंत्र दिवस 2026: 12 साल, 12 अलग पगड़ियां – पीएम मोदी का बदलता पारंपरिक लुक और इस साल का खास अंदाज

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पीएम मोदी की पगड़ी: 12 सालों में 12 अलग-अलग राज्य की झलक

26 जनवरी 2026 को भारत 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपनी खास पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। 2014 से लगातार 12 वर्षों तक पीएम मोदी ने हर गणतंत्र दिवस पर अलग-अलग रंग, डिजाइन और राज्य की परंपरा वाली पगड़ी पहनकर देश की सांस्कृतिक विविधता को सेलिब्रेट किया है। यह परंपरा अब न केवल फैशन का हिस्सा बन चुकी है, बल्कि भारत की एकता में विविधता का जीवंत प्रतीक भी बन गई है।

2014 से 2026 तक: साल-दर-साल पगड़ी का सफर

  • 2014: सफेद पगड़ी – सादगी और नई शुरुआत का प्रतीक
  • 2015: नारंगी पगड़ी – गुजरात की परंपरा और ऊर्जा
  • 2016: लाल पगड़ी – राजस्थान शैली, उत्साह और शौर्य
  • 2017: हल्का नीला साफा – उत्तर प्रदेश की याद में
  • 2018: गुलाबी पगड़ी – राजस्थान की शाही छटा
  • 2019: हरे रंग की पगड़ी – हरियाली और पर्यावरण संदेश
  • 2020: केसरिया पगड़ी – बलिदान और देशभक्ति का रंग
  • 2021: क्रीम और सोने की जरी वाली पगड़ी – महाराष्ट्र शैली
  • 2022: गहरे नीले रंग की पगड़ी – तमिलनाडु और दक्षिण भारत की झलक
  • 2023: पीली पगड़ी – पंजाब की संस्कृति और उत्सव
  • 2024: बैंगनी पगड़ी – कर्नाटक और दक्षिण की परंपरा
  • 2025: भगवा पगड़ी – आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद का प्रतीक

2026: इस साल पीएम मोदी ने गहरे लाल और सुनहरे जरी वाले डिजाइन के साथ पगड़ी पहनी, जिसमें उत्तराखंड और हिमाचल की शैली की झलक दिखी। पगड़ी पर सूक्ष्म रूप से हस्तकला से बने पहाड़ों और देवदार के पेड़ों का मोटिफ था, जो हिमालय की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।

क्यों बदलती है हर साल पगड़ी?

पीएम मोदी की यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने का अनोखा तरीका है। हर पगड़ी किसी न किसी राज्य की विशेषता, रंग, डिजाइन और प्रतीक को दर्शाती है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग खुद को परेड से जुड़ा महसूस करते हैं। साथ ही, यह फैशन के साथ-साथ सांस्कृतिक संदेश देने का भी माध्यम बन गया है।

इस साल की पगड़ी में क्या खास?

2026 की पगड़ी में हिमालयी राज्यों की कढ़ाई और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया गया। सुनहरे धागों से बने मोटिफ में हिमालय की चोटियां और देवदार के पेड़ शामिल हैं। पीएम मोदी ने इस पगड़ी के साथ सफेद कुर्ता-पायजामा और केसरिया शॉल पहनी, जो पूरे लुक को संतुलित और आकर्षक बनाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल: #ModiPagdi ट्रेंड

हर साल गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चित विषयों में शामिल होती है। लोग तुरंत उसका राज्य और प्रतीकात्मक महत्व समझने की कोशिश करते हैं। इस साल #ModiPagdi, #RepublicDay2026 और #HimachalLook ट्रेंड कर रहे हैं। लाखों लोग इस लुक को “संस्कृति और आधुनिकता का बेहतरीन मेल” बता रहे हैं।

निष्कर्ष: पगड़ी नहीं, भारत की एकता का प्रतीक

पीएम नरेंद्र मोदी की 12 सालों की 12 अलग पगड़ियां सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, विविधता और सम्मान का प्रतीक हैं। हर पगड़ी एक राज्य, एक परंपरा और एक संदेश को लेकर आती है। गणतंत्र दिवस 2026 में भी यह परंपरा जारी रही और देश को एक बार फिर अपनी जड़ों से जोड़ा

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