पुराने राजघाट पुल की मरम्मत ने बढ़ाई चिंता
गोरखपुर शहर के लिए राप्ती नदी पर बना राजघाट पुल यातायात का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 1965 में निर्मित यह 61 साल पुराना पुल अब बड़े स्तर पर मरम्मत के दौर से गुजर रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल के कई हिस्सों में पाई गई दरारों को देखते हुए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। पहले चरण में केमिकल से दरारें भरी जा रही हैं, जबकि मुख्य काम—बेयरिंग (बेयरिंग प्लेट्स) बदलना—होली के बाद शुरू होगा। इस दौरान पुल से आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा, जो कम से कम एक महीने तक चलेगा। इससे गोरखपुर-कुशीनगर, गोरखपुर-देवरिया और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले हजारों यात्रियों पर असर पड़ेगा।
पुल की स्थिति और मरम्मत का कारण
राजघाट पुल 1965 में बनाया गया था और तब से यह गोरखपुर शहर को राप्ती के उस पार कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया और बिहार से जोड़ता आ रहा है। हाल के वर्षों में भारी वाहनों की बढ़ती संख्या, मौसम की मार और उम्र के कारण पुल के कई हिस्सों में दरारें और कमजोरी पाई गई। पीडब्ल्यूडी की टीम ने हाल ही में टेस्टिंग के दौरान इन दरारों को गंभीर पाया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पुल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। मरम्मत का मुख्य उद्देश्य पुल की मजबूती बढ़ाना और आने वाले वर्षों में भारी ट्रैफिक को संभालने लायक बनाना है।
मरम्मत कार्य की समय-सारिणी
- पहला चरण: दरारें भरने का काम (केमिकल ग्राउटिंग और इंजेक्शन) अभी चल रहा है। यह काम होली से पहले पूरा होने की उम्मीद है।
- दूसरा चरण: बेयरिंग बदलने का मुख्य काम। यह होली के बाद शुरू होगा और कम से कम एक महीने तक चलेगा।
- पुल बंदी: बेयरिंग बदलने के दौरान पुल से सभी प्रकार के वाहनों (दो पहिया, चार पहिया, ट्रक) का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। वैकल्पिक रास्ते का उपयोग करना होगा।
- समयसीमा: मरम्मत कार्य अप्रैल के अंत या मई के पहले सप्ताह तक पूरा होने की संभावना है।
वैकल्पिक रास्ते और यात्रियों के लिए सलाह
पुल बंद होने के दौरान यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने होंगे:
- गोरखपुर-कुशीनगर/महाराजगंज: नए राप्ती पुल (राजघाट के पास ही नया पुल) या अन्य रूट्स से जाना संभव है।
- ट्रैफिक प्रभाव: पुराने पुल बंद होने से नए पुल पर भीड़ बढ़ सकती है।
- सुबह-शाम पीक आवर्स में जाम की संभावना।
- सलाह: यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट चेक करें। दो पहिया वाहन वाले
- वैकल्पिक छोटे रास्तों का उपयोग कर सकते हैं। भारी वाहन वाले नए पुल से गुजरें।
- पीडब्ल्यूडी ने बोर्ड लगाकर और लोकल मीडिया के जरिए लोगों को सूचित करने की योजना बनाई है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों की प्रतिक्रिया
गोरखपुर के बारीगांव, भठहट, राप्ती पार के इलाकों में रहने वाले
लोग पुल बंद होने से परेशान हैं। कई लोग रोजाना शहर आते-जाते हैं।
एक स्थानीय ने कहा, “होली के बाद एक महीने पुल बंद रहेगा तो रोजगार और पढ़ाई प्रभावित होगी।”
वहीं कुछ लोगों ने मरम्मत का स्वागत किया और कहा कि पुराना पुल अब सुरक्षित नहीं रहा।
सुरक्षा पहले, मरम्मत जरूरी
61 साल पुराना राजघाट पुल गोरखपुर का महत्वपूर्ण लिंक है। दरारें और कमजोरी को देखते हुए
मरम्मत का फैसला सही है, लेकिन होली बाद एक महीने पुल बंद रहना
यात्रियों के लिए चुनौती बनेगा। पीडब्ल्यूडी को समय पर काम पूरा करने और वैकल्पिक व्यवस्था
मजबूत करने की जरूरत है। गोरखपुरवासी इस दौरान धैर्य रखें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
पुल की मरम्मत के बाद यह फिर से मजबूत और सुरक्षित होकर सेवा देगा।

