उत्तर प्रदेश में कोहरे और शीतलहर का कहर जारी है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और आज भयंकर ठंड पड़ने की चेतावनी दी है। घने कोहरे से विजिबिलिटी जीरो हो गई, जिससे हाईवे पर 20 गाड़ियां आपस में टकरा गईं और एक कार नहर में गिर गई। यह हादसे अलग-अलग जिलों में हुए, जिसमें कई लोग घायल हुए। एयरपोर्ट पर 26 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं और कई ट्रेनें लेट चल रही हैं।
यह स्थिति 27 दिसंबर 2025 की है, जब ठंडी हवाओं ने तापमान को और गिरा दिया। कोहरा सुबह से शाम तक छाया रहा और सड़कें सुनसान हो गईं। हाईवे पर चेन रिएक्शन हादसे हुए, जहां एक गाड़ी रुकने से पीछे वाली टकरा गई। कार नहर में गिरने से चालक बाल-बाल बचा। पुलिस और राहत टीमों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यह अलर्ट पूरे यूपी के लिए है, विशेषकर पूर्वांचल और तराई क्षेत्र में। मौसम विभाग ने कहा कि कोहरा और ठंड अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं – सांस की बीमारी, जोड़ों का दर्द और फीवर के मामले बढ़े हैं।
प्रशासन ने लोगों को जरूरी यात्रा टालने और सावधानी बरतने की अपील की है। स्कूलों में छुट्टी या टाइमिंग बदलाव पर विचार हो रहा है। यह मौसम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। किसान फसलों की चिंता कर रहे हैं और बाजारों में भीड़ कम है। कोहरे से हादसे बढ़ने से पुलिस ने चेकिंग बढ़ाई है। यह रेड अलर्ट लोगों को सतर्क कर रहा है। इस ब्लॉग में हम कोहरे के रेड अलर्ट की पूरी डिटेल्स, हादसे, फ्लाइट कैंसिल, ठंड का असर और बचाव टिप्स बताएंगे। सावधान रहें!
रेड अलर्ट: कोहरा और ठंड का कहर
मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया। मुख्य चेतावनी:
- घना कोहरा, विजिबिलिटी जीरो।
- भयंकर ठंड।
- तापमान 4-6 डिग्री।
- शीतलहर जारी।
- हाईवे और शहर प्रभावित।
- हादसे बढ़े।
- अलर्ट कई जिलों में।
यह अलर्ट जनता को सावधान करने के लिए है।
हादसे: 20 गाड़ियां टकराईं, कार नहर में
कोहरे से बड़े हादसे:
- हाईवे पर 20 गाड़ियां टकराईं।
- चेन रिएक्शन।
- कई घायल।
- कार नहर में गिरी।
- चालक बचा।
- अन्य छोटे हादसे।
- राहत कार्य।
कोहरा मुख्य कारण।
फ्लाइट्स कैंसिल: 26 उड़ानें रद्द
एयरपोर्ट पर असर:
- 26 फ्लाइट्स कैंसिल।
- कई लेट।
- विजिबिलिटी कम।
- लैंडिंग मुश्किल।
- यात्री परेशान।
- अल्टरनेटिव व्यवस्था।
- नए साल यात्रा प्रभावित।
यात्रा प्लान बदलें।
जनजीवन प्रभावित: ठंड और कोहरा
ठंड से असर:
- बाजार सूने।
- स्कूल कम उपस्थिति।
- मजदूर काम पर नहीं।
- ट्रेनें लेट।
- बिजली खपत बढ़ी।
- फसलें जोखिम।
- घरों में कैद।

