गोरखपुर: थाना गोरखनाथ क्षेत्र के रामपुर नया गांव निवासी कुंज बिहारी निषाद (उम्र 32 वर्ष) की हत्या और उसके बाद हुए
पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ परिजन और मोहल्लेवासी लगातार न्याय की माँग को लेकर छठे दिन भी हाबड़ (हर्बर्ट) बाँध किनारे धरने पर डटे रहे.
जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त 2025 को कुंज बिहारी निषाद अपने बकाया रुपये मांगने गए थे. उसी दौरान मोहल्ले के अपराधी प्रवृत्ति के लोग हिमालय पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय सहित कई लोगों ने उन पर जानलेवा हमला किया.
गंभीर रूप से घायल कुंज बिहारी को परिजन बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज लेकर पहुँचे, जहाँ लापरवाहीवश 24 घंटे तक इलाज नहीं हुआ.
स्थिति बिगड़ने पर उन्हें मेरीगोल्ड अस्पताल ले जाया गया जहाँ 26 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
मृत्यु की सूचना पर पहुँची पुलिस ने जबरन शव को एंबुलेंस में ले जाने का प्रयास किया. विरोध करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई निर्दोष ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए.
इसी अन्यायपूर्ण रवैये के विरोध में मृतक के परिजन और ग्रामीण लगातार न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की माँग को लेकर धरने पर हैं.
धरने का नेतृत्व भाकपा (माले) जिला कमेटी सदस्य एवं शहरी गरीब मोर्चा के नेता बजरंगी निषाद ने किया.
उन्होंने कहा कि कुंज बिहारी निषाद की हत्या और उसके बाद की पुलिसिया ज्यादती यह दर्शाती है कि गरीब और दलित समाज के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना और संघर्ष जारी रहेगा।
धरने को समर्थन देने पहुँचे आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय श्रीवास्तव, पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद निषाद तथा निषाद युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील साहनी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर धरने को समर्थन दिया.
उन्होंने कहा कि कुंज बिहारी निषाद को न्याय दिलाने की लड़ाई अब सामाजिक न्याय और समानता की बड़ी लड़ाई बन चुकी है जिसमें सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना चाहिए.
धरने में प्रमुख रूप से कलावती, पवन, राजेश चौहान (भाकपा-माले शाखा सचिव), मनीष मिश्रा, विश्वनाथ निषाद, भोला, छोटेलाल, मोहन,
राधेश्याम निषाद, सुनील साहनी (एडवोकेट), रिंकी, सुधा, दुर्गावती, गोविंद चौहान, मीरा शर्मा, प्रियंका, शिवकुमारी, विमला, मीरा, कैलाश, तारामती, अशोक शर्मा, अमित, सुदामा भारती सहित सैकड़ों मोहल्लेवासी उपस्थित रहे.

