राखी हत्याकांड में बड़ा अपडेट: नेपाल से मिली PM रिपोर्ट
गोरखपुर के शाहपुर निवासी राजेश्वरी उर्फ राखी श्रीवास्तव हत्याकांड में सात साल बाद महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। नेपाल की कास्की जिला पुलिस ने पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट गोरखपुर पुलिस को सौंप दी है। यह रिपोर्ट 2018 में पोखरा के लेखनाथ महानगरपालिका वार्ड नंबर 15 देउराली शुमती स्थित थोपसे खोला सामुदायिक वन क्षेत्र में सड़क किनारे झाड़ियों के बीच सूखे पत्तों से ढके शव के पोस्टमार्टम की है। नेपाल के वेस्टर्न रीजनल हॉस्पिटल पोखरा में किया गया था PM। रिपोर्ट मिलने के बाद गोरखपुर पुलिस अब इसे क्रॉस वेरीफाई कराएगी और सबूतों के साथ कोर्ट में दाखिल कर ट्रायल शुरू करने की तैयारी कर रही है।
2018 में क्या हुआ था: राखी का शव नेपाल में मिला
साल 2018 में शाहपुर की राजेश्वरी उर्फ राखी श्रीवास्तव लापता हो गई थीं। कुछ दिनों बाद नेपाल के पोखरा में थोपसे खोला सामुदायिक वन क्षेत्र में उनका शव बरामद हुआ। शव सड़क किनारे झाड़ियों में सूखे पत्तों से ढका मिला था। नेपाल पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की और शव को पोखरा के वेस्टर्न रीजनल हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राखी की पहचान होने के बाद मामला गोरखपुर पुलिस तक पहुंचा, लेकिन नेपाल से PM रिपोर्ट नहीं मिल पा रही थी। परिवार सालों से न्याय की आस में था।
7 साल बाद PM रिपोर्ट मिलने का महत्व
सात साल बाद नेपाल से PM रिपोर्ट मिलना इस केस में बड़ा ब्रेकथ्रू है। रिपोर्ट में मौत के कारण, चोटों की प्रकृति और अन्य महत्वपूर्ण डिटेल्स दर्ज हैं, जो हत्या साबित करने में मदद करेंगी। गोरखपुर पुलिस ने रिपोर्ट प्राप्त होने की पुष्टि की है और अब इसे फॉरेंसिक विशेषज्ञों से क्रॉस वेरीफाई कराएगी। क्रॉस वेरीफिकेशन के बाद रिपोर्ट को चार्जशीट में शामिल कर कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। इससे ट्रायल की प्रक्रिया तेज हो सकेगी और दोषियों को सजा दिलाने की राह आसान होगी।
परिवार और पुलिस की प्रतिक्रिया
राखी के परिवार ने रिपोर्ट मिलने पर राहत की सांस ली है। वे सालों से न्याय की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना है कि अब सच सामने आएगा और हत्यारों को सजा मिलेगी। गोरखपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नेपाल के साथ कोऑर्डिनेशन से रिपोर्ट मिली है। अब क्रॉस वेरीफाई के बाद केस को मजबूत बनाया जाएगा। पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट में मौत की वजह और चोटों का विवरण स्पष्ट है, जो हत्या की पुष्टि करता है।
क्रॉस वेरीफाई और कोर्ट प्रक्रिया की तैयारी
पुलिस रिपोर्ट को फॉरेंसिक लैब में भेजकर क्रॉस वेरीफाई कराएगी। इसमें मौत का समय,
चोटों की गहराई और अन्य सबूतों का मिलान होगा। क्रॉस वेरीफाई पूरी होने के बाद
चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की जाएगी। इससे ट्रायल शुरू होगा औ
र गवाहों की जांच होगी। परिवार को उम्मीद है कि जल्द न्याय मिलेगा।
यह केस नेपाल-भारत सीमा पर क्राइम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी उदाहरण है।
न्याय की उम्मीद: राखी हत्याकांड का अंतिम चरण
राखी हत्याकांड में सात साल बाद PM रिपोर्ट मिलना न्याय की दिशा में बड़ा कदम है।
परिवार, पुलिस और समाज सब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। क्रॉस वेरीफाई के बाद
कोर्ट में दाखिल होने से केस तेजी से आगे बढ़ेगा। यह घटना सीमा पार अपराधों में
बेहतर कोऑर्डिनेशन की जरूरत भी दर्शाती है। राखी के परिजनों को अब सच्चाई और सजा की आस है।

