UP में पदोन्नति प्रक्रिया होगी ऑनलाइन: मानव संपदा पोर्टल पर DPC मॉड्यूल से 8.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

UP में पदोन्नति प्रक्रिया UP में पदोन्नति प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी। इसके लिए मानव संपदा पोर्टल पर DPC (Departmental Promotion Committee) मॉड्यूल विकसित किया गया है। इस नए सिस्टम के लागू होने से राज्य के लाखों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा और विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम और पारदर्शी हो जाएगी।

31 मार्च तक पूरी करनी होंगी तैयारियां

इस संबंध में मुख्य सचिव एस. पी. गोयल की ओर से शासनादेश जारी किया गया है। आदेश में सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि 31 मार्च तक आवश्यक डाटा और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली जाएं
सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों से जुड़ी सभी जानकारी सही और अपडेटेड रूप में मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध हो। इससे डीपीसी की बैठकें और पदोन्नति प्रक्रिया बिना किसी देरी के ऑनलाइन संपन्न हो सकेंगी।

मानव संपदा पोर्टल पर विकसित किया गया DPC मॉड्यूल

सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए मानव संपदा पोर्टल पर विशेष रूप से DPC मॉड्यूल तैयार किया है। इस मॉड्यूल के माध्यम से विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) से संबंधित सभी कार्य ऑनलाइन किए जा सकेंगे।

इसमें कर्मचारियों के रिकॉर्ड, गोपनीय प्रविष्टियां, सेवा विवरण और अन्य जरूरी सूचनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे पदोन्नति प्रक्रिया में होने वाली देरी और कागजी कार्यवाही काफी कम हो जाएगी।

ऑफलाइन ACR भी होगी अपलोड

शासनादेश में कहा गया है कि कर्मचारियों की ऑफलाइन वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) को आवश्यकतानुसार पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
अपलोड की गई एसीआर अपने आप ब्रॉडशीट, स्कोर कार्ड और अन्य मूल्यांकन दस्तावेजों में शामिल हो जाएगी। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक सटीक और व्यवस्थित हो सकेगी।

डीपीसी कोऑर्डिनेटर अधिकारी होगा नामित

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विभाग को डीपीसी कोऑर्डिनेटर अधिकारी नामित करना होगा।
यह अधिकारी विभागीय प्रमुख द्वारा नियुक्त किया जाएगा और वही डीपीसी से संबंधित प्रपत्र, सूचियां और अन्य दस्तावेज तैयार करेगा।

विभागीय एडमिन लॉग-इन के माध्यम से पोर्टल पर डीपीसी कोऑर्डिनेटर को अधिकार दिए जाएंगे। इसके बाद वह अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज कर पोर्टल में लॉग-इन कर सकेगा और डीपीसी प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्य कर सकेगा।

DPC की ऑनलाइन प्रक्रिया

मानव संपदा पोर्टल पर डीपीसी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है। शासनादेश में हर स्टेप को विस्तार से समझाया गया है।

इस मॉड्यूल में प्रत्येक कर्मचारी से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि सिस्टम स्वचालित रूप से डेटा को फेच कर सके।

इसके लिए निम्न जानकारी अनिवार्य होगी:

  • कर्मचारी का पूरा सेवा विवरण
  • काडर और काडर में स्तर
  • सेवा में शामिल होने की तिथि
  • विभागीय कार्यवाही संबंधी विवरण
  • वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR)

सभी कर्मचारियों का पंजीकरण अनिवार्य

मानव संपदा पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का विधिवत पंजीकरण होना जरूरी होगा। पंजीकरण फॉर्म में किसी भी महत्वपूर्ण कॉलम को खाली नहीं छोड़ा जा सकता।

विशेष रूप से इन जानकारियों का होना अनिवार्य होगा:

  • काडर का नाम
  • काडर में स्तर
  • नियुक्ति की तिथि
  • विभागीय कार्यवाही का रिकॉर्ड

अगर यह जानकारी पूरी नहीं होगी तो पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

8.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार के इस डिजिटल कदम से लगभग 8.5 लाख से अधिक राज्य

कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से:

  • पदोन्नति प्रक्रिया तेज होगी
  • पारदर्शिता बढ़ेगी
  • कागजी कार्यवाही कम होगी
  • रिकॉर्ड सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा

इसके अलावा विभागों को भी कर्मचारियों के रिकॉर्ड प्रबंधन में काफी आसानी होगी।

मानव संपदा पोर्टल पर DPC मॉड्यूल का विकास उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल

प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल पदोन्नति प्रक्रिया सरल और

पारदर्शी बनेगी बल्कि कर्मचारियों को भी समय पर पदोन्नति मिलने की संभावना बढ़ेगी।

यदि सभी विभाग 31 मार्च तक आवश्यक डाटा अपडेट कर देते हैं, तो आने वाले समय में राज्य की

पूरी पदोन्नति प्रणाली डिजिटल और अधिक प्रभावी हो जाएगी।

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