12 जनवरी 2026 को भारत ने स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में बड़े उत्साह से मनाया। यह दिन न केवल एक महान आध्यात्मिक नेता और दार्शनिक की जयंती है, बल्कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रतीक भी है। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की और युवाओं को संदेश दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के शाश्वत ज्ञान को विश्व तक पहुंचाया। उन्होंने स्वामी जी को दूरदर्शी और आध्यात्मिक आइकॉन बताया, जिनके उपदेश सेवा, आत्मबल और मानवता पर आधारित हैं। राष्ट्रपति ने लिखा, “स्वामी विवेकानंद जी ने भारत की संस्कृति को वैश्विक पटल पर गौरवान्वित किया। उनके आदर्श हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।” उन्होंने जोर दिया कि उनके शिक्षण मानवता को सदैव प्रेरित करते रहेंगे और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वामी जी को “भारतीय युवाशक्ति के लिए सशक्त प्रेरणा स्रोत” बताया। पीएम मोदी ने कहा, “उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प में नई ऊर्जा का संचार करता है।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर सभी नागरिकों, विशेषकर युवा साथियों को नई ताकत और आत्मविश्वास मिले। मोदी ने स्वामी विवेकानंद के विश्वास को दोहराया कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है, और उनकी ऊर्जा व जुनून से हर संकल्प को साकार किया जा सकता है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं और उत्सव
इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्वामी विवेकानंद को नमन किया और कहा कि उन्होंने युवाओं को ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता से जोड़ा तथा रामकृष्ण मिशन के माध्यम से सामाजिक सेवा के आदर्श स्थापित किए। देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बेलूर मठ में विशेष पूजा-अर्चना और प्रार्थनाएं शामिल थीं। युवा उत्सव, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए स्वामी जी के संदेश को फैलाया गया।
स्वामी विवेकानंद का महत्व
स्वामी विवेकानंद (जन्म: 12 जनवरी 1863) ने 1893 में शिकागो विश्व धर्म संसद में दिए
ऐतिहासिक भाषण से भारत की आध्यात्मिक शक्ति को दुनिया के सामने रखा।
उनके प्रसिद्ध संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”
आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।
1985 से भारत सरकार इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाती है,
ताकि युवा स्वामी जी के आदर्शों से जुड़ें और राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
स्वामी विवेकानंद जयंती 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि उनके विचार समयातीत हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी के संदेशों से युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
आइए, हम सब मिलकर उनके सपनों वाले विकसित भारत का निर्माण करें,
जहां युवा आत्मविश्वास, चरित्र और सेवा भाव से आगे बढ़ें।

