गोरखपुर चिड़ियाघर में बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रशासन ने बब्बर शेर (लाइन) और भेड़िया (वुल्फ) लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम चिड़ियाघर को और आकर्षक बनाने के लिए है। नए जानवरों से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और बच्चों को नई खुशी मिलेगी। तैयारी 2026 में पूरी होने की उम्मीद है।
गोरखपुर चिड़ियाघर शहर का प्रमुख मनोरंजन स्थल है। यहां पहले से हिरण, बंदर, मोर और अन्य जानवर हैं। लेकिन शेर और भेड़िया जैसे बड़े जानवरों की कमी थी। प्रशासन ने केंद्र सरकार और वन विभाग से अनुमति ली है। शेर और भेड़िया अन्य जू से ट्रांसफर किए जाएंगे। उनके लिए विशेष बाड़ा बनाया जा रहा है। सुरक्षा और देखभाल की पूरी व्यवस्था होगी।
तैयारी में बाड़े का निर्माण, फीडिंग एरिया और मेडिकल सुविधा शामिल है। शेर के लिए बड़ा एनक्लोजर और भेड़िया के लिए ग्रुप हाउसिंग। वेटरनरी डॉक्टर और केयरटेकर नियुक्त होंगे। चिड़ियाघर की क्षमता बढ़ेगी और पर्यटन को बूस्ट मिलेगा। गोरखपुर रामगढ़ ताल और गोरखनाथ मंदिर के साथ पर्यटन हब बनेगा।
पर्यटक उत्साहित हैं। बच्चे शेर देखने को बेताब हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि चिड़ियाघर अब और मजेदार होगा। नए जानवरों से शिक्षा और मनोरंजन दोनों मिलेंगे। प्रशासन ने कहा कि तैयारी तेज है और 2026 में जानवर आ जाएंगे।
यह कदम चिड़ियाघर के विकास का हिस्सा है। पहले से सुविधाएं बढ़ाई गई हैं – पार्किंग, कैंटीन और प्ले एरिया। नए जानवरों से टिकट बिक्री बढ़ेगी। गोरखपुर स्मार्ट सिटी में चिड़ियाघर महत्वपूर्ण है।
तैयारी विवरण: नए जानवर
*तैयारी में:
- बब्बर शेर।
- भेड़िया।
- विशेष बाड़ा।
- सुरक्षा।
- मेडिकल।
- फीडिंग।
- 2026 पूरा।
तैयारी तेज।
पर्यटक लाभ: आकर्षण बढ़ा
लाभ:
- शेर-भेड़िया।
- बच्चे खुश।
- पर्यटन बूस्ट।
- शिक्षा।
- मनोरंजन।
- टिकट बिक्री।
- शहर गौरव।
आकर्षण बढ़ेगा।
चिड़ियाघर विकास: सुविधाएं
विकास में:
- पार्किंग।
- कैंटीन।
- प्ले एरिया।
- साफ-सफाई।
- सुरक्षा।
- डिजिटल बोर्ड।
- गाइड।
विकास जारी।
लोगों उत्साह: नया मजा
लोग:
- उत्साहित।
- बच्चे बेताब।
- परिवार प्लान।
- पर्यटन।
- सराहना।
- उम्मीद।
- विजिट।

