महात्मा गांधी के अंतिम दिन: एक मज़ार की तीर्थ यात्रा आलेख: क़ुरबान अली (PART-1)
आज जब हर मस्जिद के नीचे मंदिर तलाश करने की साज़िश रची जा रही है, ऐसे में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद आती है कि वह आज होते, तो क्या करते.? आज़ाद हिंदुस्तान में मात्र साढ़े पांच माह जीवित रहने के दौरान उन्होंने क्या किया और हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सौहार्द को बनाए रखने के…


