“केवल संविधान की रक्षा करिए”: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग, लखनऊ में आंदोलन की चेतावनी

पूर्वांचल गांधी डॉ संपूर्णानंद पूर्वांचल गांधी डॉ संपूर्णानंद

संविधान सर्वोपरि रखने की अपील

लखनऊ और गोरखपुर में एक बार फिर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयानों और गतिविधियों पर विवाद छिड़ गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूर्वांचल गांधी डॉ संपूर्णानंद मल्ल ने तीखा बयान देते हुए शंकराचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में कहा कि देश में संविधान और वैज्ञानिक सोच को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की धार्मिक कट्टरता या अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

गो माता आंदोलन से समाज में विभाजन का खतरा

डॉ संपूर्णानंद मल्ल ने कहा कि गौ माता के नाम पर चल रहे आंदोलन से समाज में विभाजन और तनाव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने याद दिलाया कि देश की आजादी राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों से मिली है। इसलिए एकता और संविधान की भावना को कमजोर करने वाली गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक उपाधियां जैसे शंकराचार्य, मंडलेश्वर या जगद्गुरु किस प्रक्रिया से दी जाती हैं और क्या ये कानून व संविधान से ऊपर हो सकती हैं।

गैस संकट और महंगाई पर गंभीर आरोप

बयान में अंतरराष्ट्रीय हालात का भी जिक्र किया गया। ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण देश में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। शहरों में छोटे गैस सिलेंडरों की कीमत 90 से 200 रुपये तक पहुंच गई है। मजदूरों और विद्यार्थियों को गैस सिलेंडर पाने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। कई होटल, प्रतिष्ठान और शवदाह केंद्र कमर्शियल गैस की कमी से प्रभावित हो रहे हैं। वक्ता ने सरकार से आम लोगों की इन समस्याओं पर प्राथमिकता से ध्यान देने की मांग की।

“जरूरत पड़ी तो तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरूंगा”

डॉ संपूर्णानंद मल्ल ने चेतावनी दी कि यदि अराजकता फैलाने वाले तत्वों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे लखनऊ में तिरंगा लेकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा, “केवल संविधान की रक्षा करिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संविधान और एकता के पक्ष में हैं और किसी भी प्रकार की कट्टरता के खिलाफ खड़े होंगे।

शिकायत पत्र शीर्ष पदाधिकारियों को भेजा

पूर्वांचल गांधी ने इस पूरे मामले को लेकर शिकायत पत्र देश के कई शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों को भेजा है। इनमें शामिल हैं:

  • सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के मुख्य न्यायाधीश
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • अन्य प्रशासनिक अधिकारी

पत्र में संविधान की रक्षा, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा और धार्मिक कट्टरता रोकने की मांग की गई है।

संविधान vs धार्मिक बयानबाजी पर बहस तेज

यह विवाद उत्तर प्रदेश में संविधान, एकता और धार्मिक गतिविधियों के बीच संतुलन पर नई बहस छेड़ रहा है।

डॉ संपूर्णानंद मल्ल का बयान और आंदोलन की चेतावनी से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

आने वाले दिनों में सरकार और न्यायपालिका की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। क्या

यह मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचेगा या संवाद से सुलझेगा, यह समय बताएगा।

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