Instagram पर पोस्ट, लाइक या कमेंट नहीं! भारतीय सेना ने बदले सोशल मीडिया नियम, जवानों के लिए ‘पैसिव ऑब्जर्वर’ मोड

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Instagram पर पोस्ट: भारतीय सेना ने सोशल मीडिया इस्तेमाल के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब सभी रैंक के जवान और अधिकारी इंस्टाग्राम पर अकाउंट बना सकते हैं, लेकिन सिर्फ “पैसिव ऑब्जर्वर” (निष्क्रिय दर्शक) की भूमिका में। यानी वे पोस्ट, रील्स और स्टोरीज देख सकते हैं, लेकिन पोस्ट अपलोड करना, लाइक करना, कमेंट करना, शेयर करना, रिएक्शन देना या कोई भी इंटरैक्शन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

यह नया दिशानिर्देश भारतीय सेना मुख्यालय द्वारा Directorate General of Military Intelligence (DGMI) के माध्यम से जारी किया गया है और तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।

नए नियमों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • डिजिटल युग में जवानों की जानकारी और जागरूकता बढ़ाना
  • फेक न्यूज, भ्रामक पोस्ट और दुश्मन एजेंसियों की हनीट्रैप से बचाव
  • संवेदनशील जानकारी के अनजाने लीक होने से रोकथाम
  • राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत रखते हुए आधुनिक जरूरतों को पूरा करना

सेना का कहना है कि अब जवान दुनिया भर की घटनाओं पर नजर रख सकेंगे, फर्जी खबरों की पहचान कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर सकेंगे – लेकिन बिना कोई व्यक्तिगत ट्रेस छोड़े।

पुराने vs नए नियम: एक नजर में तुलना

प्लेटफॉर्मपहले की स्थिति (2020 के बाद)नया नियम (2025)अनुमति क्या है?
इंस्टाग्रामज्यादातर प्रतिबंधित, अकाउंट डिलीट करने के आदेशपैसिव ऑब्जर्वर मोडसिर्फ देखना और मॉनिटरिंग
X (ट्विटर), यूट्यूब, Quoraसीमित/प्रतिबंधितपैसिव भागीदारीजानकारी लेना, कोई इंटरैक्शन नहीं
व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नलप्रतिबंधित, लेकिन अपवादसामान्य अनक्लासिफाइड जानकारी शेयरज्ञात लोगों के साथ, जिम्मेदारी यूजर की
LinkedInसीमितरिज्यूमे अपलोड कर जॉब/एम्प्लॉयर जानकारीप्रोफेशनल जानकारी के लिए

नोट: 2020 में सेना ने सुरक्षा कारणों से फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 89 ऐप्स डिलीट करने के सख्त आदेश दिए थे। अब डिजिटल जागरूकता की जरूरत को देखते हुए ये बदलाव लाए गए हैं।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में चाणक्य डिफेंस डायलॉग में कहा था कि आज के जवान स्मार्टफोन और सोशल मीडिया से जुड़े रहना चाहते हैं, लेकिन “आवेग में रिएक्ट” करने की बजाय “सोच-समझकर रिस्पॉन्स” देना चाहिए।

ये नियम जवानों के मनोबल को बनाए रखते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

क्या आपको लगता है ये बदलाव सही दिशा में है? या इससे कोई चुनौती आएगी? कमेंट में अपनी राय जरूर शेयर करें!

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