मथुरा जिले के महावन थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की सामूहिक आत्महत्या ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया था। अब इस केस में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में तंत्र-मंत्र और जादू-टोने का एंगल सामने आ रहा है। परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की मौत जहरीले पदार्थ खाकर हुई थी, लेकिन कमरे की दीवार पर लिखे संदेशों और घर में मिले कुछ सामानों से पुलिस को संदेह हुआ कि यह सिर्फ आर्थिक तंगी या पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र का चक्कर भी हो सकता है। हालांकि पुलिस अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट बयान नहीं दे रही है, लेकिन जांच में तंत्र-मंत्र से जुड़े साक्ष्य जुटाने का काम तेज हो गया है। यह घटना अब सिर्फ सामूहिक सुसाइड केस नहीं रह गई, बल्कि एक रहस्यमयी केस में बदल चुकी है।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ महावन में?
महावन थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में रहने वाले परिवार ने जहरीला पदार्थ (संभावित कीटनाशक या जहर) का सेवन किया। मृतकों में परिवार के मुखिया (55 वर्ष), पत्नी (52), दो बेटे (28 और 25) और एक बहू (26) शामिल थे। सुबह पड़ोसियों को घर से कोई आवाज नहीं मिली तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। अंदर घुसने पर पांचों शव फर्श पर पड़े मिले। सभी के मुंह से झाग निकल रहा था और शरीर नीला पड़ गया था।
पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें मौत का कारण जहर से पुष्टि हुई। कमरे की दीवार पर सफेद चॉक से लिखे गए शब्द थे: “हम सब थक गए हैं… अब और नहीं सह सकते… माफ करना…”। शुरुआत में इसे अंतिम संदेश माना गया, लेकिन जांच में घर से कुछ अजीब चीजें मिलीं—तंत्र-मंत्र से जुड़े कागज, ताबीज, हवन सामग्री और कुछ अजीब निशान। इससे पुलिस को संदेह हुआ कि परिवार किसी तांत्रिक या ओझा के चक्कर में फंसा था।
तंत्र-मंत्र का एंगल: पुलिस क्या जुटा रही साक्ष्य?
*पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार के कुछ रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने बताया कि मुखिया पिछले कुछ महीनों से किसी तांत्रिक या बाबा के संपर्क में था। वे संपत्ति विवाद, कर्ज और पारिवारिक समस्याओं से परेशान थे। तांत्रिक ने उन्हें “उपाय” बताए थे, जिसमें कुछ विशेष पूजा-पाठ और दवा जैसा पदार्थ शामिल था। पुलिस का मानना है कि हो सकता है परिवार ने तंत्र-मंत्र के नाम पर कोई जहरीला पदार्थ लिया हो, जिसे “समस्या का अंत” बताकर दिया गया हो।
पुलिस ने निम्न साक्ष्य जुटाने शुरू किए हैं:
- घर से मिले तंत्र-मंत्र के कागज और सामान की फॉरेंसिक जांच
- दीवार पर लिखे संदेश की हैंडराइटिंग जांच
- परिवार के मोबाइल फोन में तांत्रिक/बाबा से बातचीत के कॉल रिकॉर्ड
- पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान
- आसपास के तांत्रिकों/ओझाओं की तलाश
पुलिस अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दे रही, लेकिन जांच में यह एंगल मजबूत हो रहा है।
परिजनों और गांव वालों की प्रतिक्रिया
मृतक परिवार के दूर के रिश्तेदारों ने तंत्र-मंत्र के आरोप को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि
परिवार आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। लेकिन गांव में कई लोग तंत्र-मंत्र की बात मान रहे हैं।
कुछ ने बताया कि मुखिया किसी बाबा के पास नियमित जाता था और
“समस्या दूर करने” के नाम पर पैसे खर्च करता था।
समाज पर सवाल और आगे की जांच
यह घटना उत्तर प्रदेश में तंत्र-मंत्र, अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य की कमी पर फिर से सवाल खड़े कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में लोग आर्थिक और
पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए तांत्रिकों के पास जाते हैं, जो कई बार घातक साबित होता है।
पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए गहन जांच शुरू कर दी है। अगर तंत्र-मंत्र का
एंगल साबित हुआ तो संबंधित तांत्रिक/बाबा के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल पूरा गांव इस रहस्यमयी मौत के जवाब की तलाश में है।
मथुरा सामूहिक आत्महत्या केस अब एक गंभीर जांच का विषय बन चुका है।
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