मुजफ्फरनगर में एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे परिवार को हिला दिया है। कानूनगो और उनकी मां की जलकर मौत हो गई, जबकि बेटियां चिल्लाती रहीं – “लौट आओ पापा-चाचा… हमें छोड़कर मत जाओ दादी मां”। यह हादसा 31 दिसंबर 2025 को हुआ, जब गैस लीक से आग लग गई। परिवार की चीखें सुनकर पड़ोसी दौड़े, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
घटना मुजफ्फरनगर के एक इलाके में हुई। कानूनगो घर में थे और उनकी मां के साथ थे। गैस सिलेंडर लीक होने से आग भड़क गई और देखते ही देखते कमरे में फैल गई। कानूनगो और मां आग की चपेट में आ गए। बाहर खड़ी बेटियां और परिवार चिल्लाते रहे, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई अंदर नहीं जा सका।
फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में गैस लीक मुख्य कारण माना जा रहा है। परिवार सदमे में है और बेटियां रो-रोकर बेहाल हैं। यह हादसा नए साल से पहले परिवार पर कहर बनकर टूटा। कानूनगो की पत्नी और अन्य सदस्य बाल-बाल बचे।
परिवार ने बताया कि सिलेंडर पुराना था और लीक हो रहा था। आग लगते ही धुआं फैल गया और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। बेटियां बाहर थीं और अंदर की आग देखकर चिल्लाती रहीं। पड़ोसियों ने मदद की कोशिश की, लेकिन आग तेज थी। यह दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया।
पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने सैंपल लिए हैं। परिवार को राहत का आश्वासन दिया गया है। यह हादसा सर्दी में गैस सिलेंडर सुरक्षा की याद दिलाता है। कई घरों में पुराने सिलेंडर हैं, जो खतरा बन सकते हैं।
हादसे का विवरण: गैस लीक से आग
हादसा कैसे हुआ:
- गैस सिलेंडर लीक।
- आग भड़की।
- कमरे में फंसे।
- बेटियां बाहर चिल्लाईं।
- पड़ोसी मदद।
- फायर ब्रिगेड देर।
- मौत।
दर्दनाक मंजर।
परिवार का दर्द: बेटियों की चीखें
बेटियां चिल्लाती रहीं:
- “लौट आओ पापा-चाचा”।
- “मत जाओ दादी मां”।
- रो-रोकर बेहाल।
- अनाथ।
- परिवार सदमा।
- सहानुभूति।
- न्याय मांग।
दिल दहलाने वाला।
पुलिस जांच: कारण और कार्रवाई
पुलिस ने:
- मामला दर्ज।
- फॉरेंसिक।
- जांच।
- राहत आश्वासन।
- मुआवजा।
- अपडेट।
- सुरक्षा अपील।
जांच जारी।

