मुजफ्फरनगर एनकाउंटर: 50 हजार का इनामी बदमाश अमजद ढेर, दो पुलिसकर्मी घायल; एसपी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी गोली

मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र में देर रात हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश अमजद को मार गिराया गया। इस एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि एसपी देहात की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी। बदमाश अमजद पर मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बिजनौर सहित कई जिलों में करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। यह घटना पश्चिमी यूपी में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई का उदाहरण है।

घटना का विवरण

घटना बुढ़ाना थाना क्षेत्र के विज्ञान रोड जंगल इलाके में गुरुवार तड़के (12 फरवरी 2026) करीब 3:30 बजे हुई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इनामी बदमाश अमजद अपने गांव हरसोली (शाहपुर थाना क्षेत्र) की ओर आ रहा है। इस सूचना पर बुढ़ाना, तितावी और शाहपुर थानों की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी कर ली।

जब अमजद बाइक पर सवार होकर आया, तो पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। लेकिन बदमाश ने अचानक पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमजद को कई गोलियां लगीं। वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत बुढ़ाना सीएचसी पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

पुलिसकर्मियों पर हमला और बचाव

एनकाउंटर के दौरान बदमाश ने कार्बाइन से जमकर फायरिंग की। गोलियां एसपी देहात आदित्य बंसल की गाड़ी और बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। इससे एसपी और सीओ सुरक्षित रहे। हालांकि, उपनिरीक्षक संदीप कुमार और सिपाही इशफाक (या अशफाक) घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस की बुलेटप्रूफ जैकेट ने कई अधिकारियों की जान बचाई।

मौके से बरामद सामान

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। इनमें एक कार्बाइन, पिस्टल, लूटी हुई मोटरसाइकिल और अन्य सामान शामिल हैं। अमजद लूटपाट के दौरान वर्दी पहनकर अपराध करता था, जिससे वह लोगों को डराता था।

अमजद की क्राइम हिस्ट्री

अमजद एक इंटर-स्टेट क्रिमिनल था। वह हत्या, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने और नशीले पदार्थों से

जुड़े अपराधों में शामिल था। उसके खिलाफ मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बिजनौर के अलावा दिल्ली-एनसीआर,

बिहार और राजस्थान में भी केस दर्ज थे। कुल मिलाकर करीब 40 मुकदमे थे। साहरणपुर रेंज के

डीआईजी ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

अमजद पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर में आतंक का पर्याय बन चुका था।

पुलिस की कार्रवाई की सराहना

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह ऑपरेशन मुखबिर की सूचना पर किया गया।

पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। यूपी पुलिस के ऑपरेशन लंगड़ा के

तहत अपराधियों पर लगाम कसने की कोशिश जारी है।

इस एनकाउंटर से इलाके में अपराधियों में दहशत फैल गई है।

मुजफ्फरनगर एनकाउंटर पुलिस की बहादुरी और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। बदमाश अमजद

जैसे तत्वों के सफाए से समाज में सुरक्षा बढ़ेगी। पुलिस घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है।

ऐसी कार्रवाइयां अपराध को जड़ से खत्म करने में मददगार साबित होंगी।

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