51 बेटियों का सामूहिक विवाह: नई दिशा फाउंडेशन 20 जनवरी को गोरखपुर में कराएगा कन्यादान महादान

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कार्यक्रम की पूरी जानकारी और समय-सारिणी

यह सामूहिक विवाह समारोह सिविल लाइंस स्थित नेपाल क्लब के स्वयंवर हॉल में आयोजित होगा। बारात सर्वोदय मंडल परिसर से सुबह 11 बजे बैंड-बाजों के साथ निकलेगी और पुराना आरटीओ मार्ग से होते हुए नेपाल क्लब पहुंचेगी। यहां द्वार पूजा और जयमाल के बाद विवाह मंडप में 51 जोड़े वैदिक रीति-रिवाज से अग्नि के सात फेरे लेंगे। ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच यह पवित्र अनुष्ठान संपन्न होगा।

सुधा मोदी ने बताया कि शहर की नामचीन हस्तियां, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता, डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में माता-पिता के रूप में शामिल होकर कन्यादान करेंगे। संस्था ने सर्वसमाज में निमंत्रण-पत्र भी वितरित कर दिए हैं।

नई दिशा फाउंडेशन का उद्देश्य और सामाजिक योगदान

नई दिशा फाउंडेशन गरीब, अनाथ और बेसहारा परिवारों को सहारा देने के लिए “कन्यादान महादान” मुहिम चला रही है। सुधा मोदी ने कहा, “नई दिशा फाउंडेशन का मतलब है जरूरतमंद जोड़ों को सामूहिक विवाह के माध्यम से मजबूत बनाना और सामाजिक सौहार्द बढ़ाना।” इस कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को कपड़े, घरेलू सामग्री, उपहार और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना गृहस्थ जीवन शुरू कर सकें।

यह पहल न केवल आर्थिक बोझ कम करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देती है। संस्था ने पात्र जोड़ों की सूची तैयार कर ली है और सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।

आयोजन में विशेष आकर्षण और व्यवस्थाएं

  • वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे
  • शहनाई की मधुर धुन और फूलों की वर्षा
  • संस्था की सखियां बारातियों का माल्यार्पण कर स्वागत करेंगी
  • अतिथियों और बारातियों के लिए भव्य भोज का इंतजाम
  • कई तरह के स्वादिष्ट पकवान परोसे जाएंगे
  • नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक उपहार

संस्था के सदस्य युद्धस्तर पर तैयारी में जुटे हैं। पंडाल सज्जा,

खान-पान और अन्य व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

सुधा मोदी का आह्वान

सुधा मोदी ने सभी से अपील की है कि वे

इस पवित्र अवसर पर शामिल होकर 51 बेटियों को आशीर्वाद दें।

यह सामूहिक विवाह न केवल जोड़ों के लिए नई शुरुआत है,

बल्कि पूरे समाज के लिए एकता और करुणा का प्रतीक भी बनेगा।

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