उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 23 मार्च 2026 को शहीद दिवस के अवसर पर एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल देश के अमर शहीदों को नमन करने का अवसर होगा, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम और जागरूकता का संदेश भी देगा। इस खास मौके पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह की उपस्थिति कार्यक्रम को और भी ऐतिहासिक बनाएगी।
शहीदों की विरासत को याद करने का अवसर
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं बल्कि नई पीढ़ी को देश के महान बलिदानों से जोड़ना है। गोरखपुर जैसे ऐतिहासिक शहर में इस तरह का आयोजन युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत साबित होगा।
किरणजीत सिंह अपने संबोधन में युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेंगे और बताएंगे कि कैसे शहीदों के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं।
चौरीचौरा से बलिदान स्थली तक श्रद्धांजलि यात्रा
कार्यक्रम के तहत किरणजीत सिंह सबसे पहले चौरीचौरा शहीद स्मारक पहुंचकर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह रामप्रसाद बिस्मिल की बलिदान स्थली जिला कारागार जाकर नमन करेंगे।
यह यात्रा स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद दिलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास होगी।
बेतियाहाता में दीपों से जगमगाएगा देशभक्ति का माहौल
शाम के समय बेतियाहाता चौराहे पर भगत सिंह की प्रतिमा के सामने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
- 285 दीप जलाकर श्रद्धांजलि
- देशभक्ति गीत और नारे
- युवाओं की भागीदारी
यह आयोजन पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल बना देगा।
MMMUT में होगा युवाओं से संवाद
दोपहर में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में “शहीदों के सपनों का भारत” विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
इसमें छात्र सीधे किरणजीत सिंह से संवाद कर सकेंगे और उनके विचारों से प्रेरणा ले सकेंगे। यह कार्यक्रम युवाओं को अपने लक्ष्य और जिम्मेदारी समझने में मदद करेगा।
समाज के प्रमुख लोगों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में कई शिक्षाविद, समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। उनकी मौजूदगी आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाएगी।
युवाओं के लिए क्यों खास है यह कार्यक्रम
आज के समय में युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने इतिहास और देश के महान नायकों को जानें।
यह कार्यक्रम उन्हें:
- देशभक्ति की भावना सिखाएगा
- जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देगा
- सकारात्मक सोच विकसित करेगा
शहीद दिवस का ऐतिहासिक महत्व
23 मार्च 1931 का दिन भारत के इतिहास में अमर है।
इसी दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी।
उनका बलिदान आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है।
शहीद दिवस हमें यह सिखाता है कि देश के लिए त्याग और समर्पण ही सच्ची देशभक्ति है।
गोरखपुर में आयोजित यह शहीद दिवस कार्यक्रम एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल है।
यह आयोजन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देगा बल्कि युवाओं को एक नई दिशा भी प्रदान करेगा।
किरणजीत सिंह की उपस्थिति इस कार्यक्रम को और भी खास बना रही है,
जिससे यह आयोजन लंबे समय तक याद रखा जाएगा


