लखनऊ के मोहनलालगंज में दिल दहला देने वाली घटना
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में दिव्यांग मां और उसके बेटे की क्रूर हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार मुख्य आरोपी किशन रावत ने पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोपी ने कबूल किया कि उसने हत्या के बाद महिला के शव के साथ दरिंदगी की और घटनास्थल पर ही शराब भी पी।
हत्या के बाद शव के साथ अमानवीय व्यवहार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किशन ने महिला का गला उसकी सलवार से कसकर उसकी हत्या की। हत्या के बाद वह महिला के शव के पास बैठकर शराब पीता रहा। इस दौरान उसने शव के साथ अमानवीय और क्रूर हरकतें कीं। हत्या पूरी होने के बाद किशन घर से बाहर निकला और दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया।
घटना के समय घर के पास झाड़ियों में शौच कर रहे एक युवक ने किशन को घर से निकलते देख लिया। कुछ देर बाद गांव में दोहरे हत्याकांड की खबर फैली तो युवक हैरान रह गया। यह युवक गांव के एक व्यक्ति के यहां काम करता है। उसने अपने मालिक को किशन के बारे में बताया। धीरे-धीरे किशन का नाम चर्चा में आने लगा और आखिरकार पुलिस को सूचना मिली।
आरोपी की फरार होने की कोशिश और पकड़ा जाना
पुलिस ने किशन की तलाश शुरू की, लेकिन उसका फोन बंद था। हत्या के बाद किशन अपने दोस्त के पास पहुंचा और उसे मोहनलालगंज तक छोड़ने की बात कही। दोस्त ने उसे मोहनलालगंज तक छोड़ दिया, लेकिन किशन ने उसे घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान किशन को गिरफ्तार कर लिया।
घर में घुसते ही आक्रामक हुआ आरोपी
छानबीन में सामने आया कि किशन घर में घुसते ही आक्रामक हो गया और महिला से जबरदस्ती करने लगा। महिला ने विरोध किया और किशन का नाम लेकर उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान महिला का दिव्यांग बेटा कुछ दूरी पर था। बेटे ने किशन का नाम सुनकर शोर मचाना शुरू कर दिया, लेकिन घर के आसपास फॉगिंग (कीटनाशक छिड़काव) चल रहा था
, जिसके कारण उसकी आवाज दब गई।
आरोपी ने बेटे पर डंडे से हमला किया और
उसकी भी हत्या कर दी। दोनों की लाशें घर में ही पड़ी मिलीं।
समाज में आक्रोश और पुलिस जांच जारी
इस घटना ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश फैला दिया है।
दिव्यांग मां-बेटे के साथ हुई इस क्रूरता ने कानून-व्यवस्था पर
सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब किशन के अन्य साथियों,
मकसद और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है।
यह मामला एक बार फिर महिलाओं और कमजोर वर्ग की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठाता है। मोहनलालगंज जैसे
इलाके में ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। योगी सरकार की ओर से
अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।


