लखनऊ जहरीली हवा में घुट रहा: राजधानी लखनऊ की हवा इन दिनों जहरीली हो चुकी है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शहरवासियों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। आज सुबह लखनऊ का AQI (Air Quality Index) 350-400 के बीच पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुस्कराहट और खुशहाली के पीछे छिपा यह प्रदूषण का खतरा अब हर किसी के लिए चिंता का विषय बन गया है।
AQI का हाल और प्रभाव
- सुबह 8 बजे का AQI: 380 (गंभीर)
- PM2.5 स्तर: 250-300 µg/m³ (सुरक्षित स्तर से 10 गुना अधिक)
- PM10 स्तर: 400 µg/m³ से ऊपर
इस स्तर पर रहने से सांस की बीमारियां, अस्थमा, हृदय रोग और बच्चों में फेफड़ों की क्षति का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
प्रदूषण के प्रमुख कारण
- पराली जलाना: आसपास के जिलों में पराली जलाने की घटनाएं जारी हैं।
- वाहनों का धुआं: बढ़ती ट्रैफिक और पुराने वाहनों का प्रदूषण।
- निर्माण कार्य: धूल-मिट्टी और सड़क निर्माण से उड़ती धूल।
- ठंड और स्थिर हवा: सर्दी में हवा का बहाव कम होने से प्रदूषक नीचे ही जम जाते हैं।
प्रशासन की ओर से प्रयास
लखनऊ नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्प्रिंकलर सिस्टम, एंटी-स्मॉग गन और सड़क स्वीपिंग बढ़ा दी है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-3 लागू होने की संभावना है, जिसमें पुराने वाहनों पर प्रतिबंध और निर्माण कार्यों में रोक लग सकती है।
लोगों की चिंता
सुबह-सुबह पार्क में टहलने वाले लोग कहते हैं, “बाहर निकलते ही गले में खराश और आंखों में जलन शुरू हो जाती है। हम मुस्कुराते हैं, लेकिन अंदर से घुट रहे हैं।” स्कूलों में बच्चों की अनुपस्थिति बढ़ रही है और अस्पतालों में सांस संबंधी मरीजों की संख्या में 30-40% की वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों की सलाह
- N95 मास्क पहनें
- घर में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें
- बाहर निकलने से बचें, खासकर सुबह-शाम
- हरी-भरी जगहों पर पेड़ लगाएं और प्रदूषण कम करने में योगदान दें


