प्रयागराज में नाबालिग लड़की का अपहरण: फर्जी आधार से बालिग बताकर IVF सेंटर में निकलवाए अंडाणु, 5 गिरफ्तार

प्रयागराज के फाफामऊ प्रयागराज के फाफामऊ

प्रयागराज से हैरान करने वाला मामला: नाबालिग का अपहरण और IVF में अंडाणु निकासी

प्रयागराज जिले के फाफामऊ थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया और फिर फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसे बालिग तथा विवाहित बताकर एक IVF सेंटर में उसके अंडाणु (ओवा) निकलवा लिए गए। पुलिस ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है और IVF की पंजीकृत एजेंट कल्पना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला न केवल मानव तस्करी का है, बल्कि नाबालिगों के शोषण और अवैध मेडिकल प्रक्रिया का भी गंभीर उदाहरण है।

घटना का पूरा विवरण: कैसे हुआ अपहरण और अंडाणु निकासी

प्रयागराज के फाफामऊ इलाके की 15 साल की किशोरी को कुछ समय पहले अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने पहले उसे फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें उसकी उम्र 21 वर्ष और वैवाहिक स्थिति विवाहित दिखाई गई। इसके बाद एक हलफनामा तैयार कराया गया और उसे एक निजी IVF सेंटर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों और स्टाफ ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ओवा एक्सट्रैक्शन (अंडाणु निकासी) की प्रक्रिया पूरी कर ली। पूरी प्रक्रिया गैरकानूनी थी, क्योंकि नाबालिग पर ऐसी कोई मेडिकल प्रक्रिया नहीं की जा सकती।

किशोरी के परिवार ने जब उसे गुमशुदा बताया तो पुलिस ने जांच शुरू की। फाफामऊ थाना पुलिस ने गहन छानबीन के बाद IVF सेंटर तक पहुंची। जांच में पता चला कि एक पंजीकृत एजेंट कल्पना इस गिरोह की मुख्य कड़ी थी, जो नाबालिग और गरीब लड़कियों को लालच देकर या जबरन IVF प्रक्रिया के लिए भेजती थी।

पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने मामले की जांच में तेजी दिखाई और 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया:

  • कल्पना (IVF सेंटर की पंजीकृत एजेंट)
  • दो अपहरणकर्ता
  • IVF सेंटर का एक स्टाफ सदस्य
  • फर्जी दस्तावेज बनाने वाला व्यक्ति

गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। नाबालिग लड़कियों को अपहरण कर या लालच देकर IVF सेंटर भेजा जाता था, जहां उनके अंडाणु निकालकर बेचे जाते थे। पुलिस ने IVF सेंटर के रिकॉर्ड जब्त किए हैं और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश शुरू कर दी है।

कानूनी और सामाजिक पहलू: गंभीर सवाल

यह मामला POCSO एक्ट, मानव तस्करी निरोधक कानून और मेडिकल एथिक्स का घोर उल्लंघन है। नाबालिग पर ऐसी प्रक्रिया करना अपराध है और IVF सेंटर का इसमें शामिल होना बेहद गंभीर है। पुलिस ने कहा कि IVF सेंटर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। समाज में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और अवैध मेडिकल प्रक्रियाओं पर रोक लगाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

परिवार और समाज की प्रतिक्रिया

किशोरी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है।

स्थानीय लोग और महिला संगठन इस मामले को लेकर आक्रोशित हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

यह घटना उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के शोषण और तस्करी के बढ़ते मामलों को उजागर करती है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

फाफामऊ थाना पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में

यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितनी अन्य लड़कियां इस गिरोह की शिकार हुईं।

पुलिस ने अन्य IVF सेंटर्स पर भी नजर रखने का फैसला लिया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *