उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात समाजवादी पार्टी से जुड़े एक छात्र नेता के घर पर फायरिंग की गई। इस घटना में मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह समेत तीन लोगों को पुलिस ने महज घंटों में दबोच लिया। आर्थक पहले से ही कुशीनगर में डांसर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले का आरोपी है, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और साफ हो जाती है।
घटना का पूरा विवरण
शुक्रवार रात को अलीनगर उत्तरी मोहल्ले में छात्र नेता के घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के साथ भारी फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिसमें एक नेता का बेटा भी शामिल था।
पूछताछ के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह, विपिन और अनीश शुक्ला के नाम सामने आए। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। आर्थक प्रताप सिंह कुशीनगर जिले में हुए एक चर्चित मामले का आरोपी है, जहां दो डांसर्स का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उसकी पिछली आपराधिक गतिविधियां पुलिस के लिए बड़ा सुराग बनीं, जिससे गिरफ्तारी में आसानी हुई।
पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना
पुलिस ने सूचना मिलने के कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी को दबोच लिया, जो यूपी पुलिस की कुशलता को दर्शाता है। भारी फोर्स के साथ छापेमारी और पूछताछ से घटना का खुलासा हुआ। आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इस मामले में आर्म्स एक्ट, प्रयास हत्या और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
समाज में बढ़ती गुंडागर्दी और चुनौतियां
यह घटना दिखाती है कि राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोग भी अपराध में लिप्त हो रहे हैं।
छात्र नेता के घर पर फायरिंग किसी पुरानी रंजिश या व्यक्तिगत
दुश्मनी का नतीजा मानी जा रही है। ऐसे मामलों में समाज में डर का माहौल बनता है।
कुशीनगर का पुराना सामूहिक दुष्कर्म मामला भी याद दिलाता है कि अपराधी बार-बार सिर उठा रहे हैं।
समाज और पुलिस को मिलकर ऐसे तत्वों पर लगाम लगानी होगी।
निष्कर्ष और अपील
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जनता में विश्वास बढ़ा है। अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में
ऐसे कृत्य रुक सकें। पीड़ित परिवार को न्याय मिले और इलाके में शांति बनी रहे, यही सबकी कामना है।
यूपी पुलिस की ‘खाकी’ की ताकत बार-बार साबित हो रही है।


