वाराणसी में नाबालिग बहू ने सास की हत्या: गिरवी लॉकेट छुड़ाने के लिए 500 रुपये कम पड़ने पर विवाद, कुल्हाड़ी से की निर्मम हत्या

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। फूलपुर थाना क्षेत्र के कठिरांव बाजार में नाबालिग बहू ने अपनी सास की कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। छोटे से विवाद ने इतना खतरनाक रूप ले लिया कि एक मासूम सी लगने वाली बहू ने सास को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मात्र 24 घंटे में मामले का खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना का पूरा विवरण

घटना 25 फरवरी को फूलपुर थाना क्षेत्र के कठिरांव लाठियां चौकी के अंतर्गत लठिया पुरवे में हुई। मृतका आशा देवी (47) ईंट भट्ठे पर पथाई का काम करती थीं। उनके पति, बेटा और नाबालिग बहू भी परिवार के साथ काम करते थे। आशा देवी ने अपनी शादी का सोने का लॉकेट गिरवी रखा था। बहू को इसे छुड़ाने की जरूरत थी, लेकिन छुड़ाने के लिए 500 रुपये कम पड़ गए। इस छोटी सी रकम पर बहू और सास के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि बहू घर लौटते ही गुस्से में आ गई।

आशा देवी घर में सो रही थीं। बहू ने कुल्हाड़ी उठाई और सास के सिर पर बार-बार वार कर दिया। वार इतने भीषण थे कि आशा देवी की मौत मौके पर ही हो गई। घर में रक्तरंजित हालत में शव मिला। पड़ोसी युवक भी घटना के समय मौजूद था और जांच में उसकी भी संलिप्तता सामने आई। पति ने थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

पुलिस जांच और खुलासा

पुलिस ने फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। मौके से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में जांच टीम ने 24 घंटे के भीतर नाबालिग बहू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बहू ने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि सास से रोज-रोज की झगड़े और कीच-कीच से वह तंग आ चुकी थी। लॉकेट विवाद ने आग में घी का काम किया। पड़ोसी युवक के साथ मिलकर उसने यह योजना बनाई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की है।

परिवार और समाज पर प्रभाव

यह घटना परिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और छोटी बातों पर हिंसा की ओर इशारा करती है। आशा देवी का परिवार सदमे में है। पड़ोसी और ग्रामीणों ने बताया कि परिवार में पहले से ही छोटे-मोटे झगड़े चलते रहते थे, लेकिन इतनी बड़ी वारदात की

किसी को उम्मीद नहीं थी। नाबालिग बहू होने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है।

पुलिस ने बच्चे के रूप में बहू के साथ उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई है।

बढ़ती घरेलू हिंसा की चिंता

वाराणसी जैसे शहर में ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। आर्थिक तंगी, पारिवारिक दबाव और रिश्तों में

विश्वास की कमी छोटे विवाद को हत्या तक ले जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि

परिवारों में काउंसलिंग, संवाद और आर्थिक सहायता की जरूरत है।

पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई कर न्याय की उम्मीद जगाई है।

परिवार ने न्याय की मांग की है। स्थानीय लोग भी कह रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए

जागरूकता जरूरी है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की जिंदगी बर्बाद कर गई, बल्कि पूरे

समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है कि रिश्ते इतने कमजोर क्यों हो रहे हैं?

प्रशासन से अपील है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय हो और ग्रामीण इलाकों में मानसिक

स्वास्थ्य व परिवार परामर्श पर ध्यान दिया जाए। वाराणसी पुलिस की

इस सफलता से उम्मीद है कि अपराधियों को सख्त सजा मिलेगी।

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